मुख्यपृष्ठसमाचारबैंक लॉकर भी सुरक्षित नहीं!

बैंक लॉकर भी सुरक्षित नहीं!

-भरोसे की आड़ में ८२ लाख के सोने पर डाका
-बैंक मैनेजर निकला मास्टर माइंड, सोना बरामद

सामना संवाददाता / मुंबई
बैंक लॉकर को सबसे सुरक्षित जगह मानकर निश्चिंत रहने वालों के लिए कांदिवली से चौंकाने वाली खबर सामने आई है। भरोसे की आड़ में बैंक लॉकर से ८१.८० लाख रुपए कीमत के ६१० ग्राम सोने के गहने गायब कर दिए गए। कांदिवली पुलिस ने करीब दो साल पुरानी इस वारदात का पर्दाफाश करते हुए इंडसइंड बैंक के तत्कालीन उप-शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चोरी का पूरा माल भी बरामद कर लिया है।
शिकायतकर्ता प्रदीप मोतीराम भाटिया (७४) पिछले ५२ वर्षों से परिवार के साथ दुबई में रहते हैं। उनका मुंबई के कांदिवली-पश्चिम में भी मकान है। पुलिस के मुताबिक, २२ मार्च २०२४ को उन्होंने इंडसइंड बैंक, एम.जी. रोड स्थित लॉकर में ६१० ग्राम सोने के गहने सुरक्षित रखे और दुबई लौट गए। करीब दो साल बाद २०२६ में जब वे गहने लेने बैंक पहुंचे तो लॉकर देखकर उनके होश उड़ गए। अंदर रखा पूरा सोना गायब था। १२ अगस्त को शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। वारदात पुरानी होने के कारण सीसीटीवी और तकनीकी सबूत सीमित थे। ऐसे में पुलिस ने बैंक कर्मचारियों, लॉकर संचालन की प्रक्रिया और पुराने रिकॉर्ड खंगाले। जांच की सुई तत्कालीन उप-शाखा प्रबंधक सहानी पर जाकर टिक गई।
उसके बैंक खाते की जांच में पिछले दो वर्षों में करीब ९ करोड़ रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ। सोना गिरवी रखने वाली संस्थाओं से बड़े पैमाने पर लेन-देन भी सामने आया। पुलिस ने वहां गिरवी रखे सोने के फोटो हासिल किए। भाटिया ने फोटो देखते ही गहनों की पहचान कर ली। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर ६१० ग्राम सोने के सभी गहने बरामद कर लिए। पुलिस ने महज चार दिन में दो साल पुरानी चोरी की गुत्थी सुलझा दी।

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