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किसान चेतना के अग्रदूत पं. राजकुमार शुक्ल की 151वीं जयंती पर 23 अगस्त को रांची प्रेस क्लब में समारोह

अनिल मिश्र / रांची

झारखंड हिंदी साहित्य भारती एवं पंडित राजकुमार शुक्ल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में चंपारण सत्याग्रह के प्रणेता, महान स्वतंत्रता सेनानी एवं किसान चेतना के अग्रदूत पंडित राजकुमार शुक्ल की 151वीं जयंती के अवसर पर 23 अगस्त को रांची प्रेस क्लब में भव्य जयंती समारोह का आयोजन किया जाएगा। समारोह का शुभारंभ प्रातः 10 बजे होगा। इस संबंध में हिंदी साहित्य भारती, झारखंड एवं पंडित राजकुमार शुक्ल फाउंडेशन के अध्यक्ष अजय राय ने बताया कि पंडित राजकुमार शुक्ल भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के ऐसे महानायक थे, जिन्होंने चंपारण के किसानों पर हो रहे अन्याय और शोषण के विरुद्ध आवाज उठाकर देशव्यापी किसान चेतना को नई दिशा दी। उन्होंने महात्मा गांधी से चंपारण आने का लगातार आग्रह किया और अंततः उन्हें चंपारण लाकर सत्याग्रह के ऐतिहासिक अध्याय की नींव मजबूत की।
अजय राय ने कहा कि पंडित राजकुमार शुक्ल का संघर्ष केवल चंपारण के किसानों तक सीमित नहीं था, बल्कि वह भारत के शोषित, पीड़ित और वंचित किसानों के अधिकारों की आवाज बन गया। उनका त्याग, संघर्ष, संकल्प और राष्ट्रभक्ति आज भी समाज एवं युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उन्होंने कहा कि पंडित राजकुमार शुक्ल की जयंती का आयोजन विगत 15 वर्षों से निरंतर किया जा रहा है। इसका उद्देश्य उनके ऐतिहासिक योगदान को जन-जन तक पहुंचाना, नई पीढ़ी को उनके संघर्ष से परिचित कराना तथा भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में किसानों की भूमिका और उनके योगदान को उचित सम्मान दिलाना है।
अजय राय ने कहा कि पंडित राजकुमार शुक्ल का जीवन यह संदेश देता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, संघर्ष और जनहित के प्रति समर्पण के बल पर एक सामान्य किसान भी इतिहास की दिशा बदल सकता है। आज आवश्यकता है कि उनके विचारों, संघर्ष और राष्ट्रप्रेम को युवा पीढ़ी तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने बताया कि 23 अगस्त को आयोजित जयंती समारोह में साहित्यकारों, इतिहासकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों, पत्रकारों एवं विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोगों की सहभागिता रहेगी। समारोह में पंडित राजकुमार शुक्ल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विचार-विमर्श के साथ उनके योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
अजय राय ने सभी साहित्यप्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों, पत्रकारों एवं आम नागरिकों से समारोह में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर पंडित राजकुमार शुक्ल को श्रद्धांजलि अर्पित करने की अपील की है।

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