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दो करोड़ रुपये की जमीन के मामले में जेएससीए के पूर्व चेयरमैन के बेटे ने पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई

अनिल मिश्र / रांची

झारखंड प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) के पूर्व अध्यक्ष सह पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ चौधरी के बेटे अभिषेक चौधरी ने रांची के हिंदपीढ़ी थाने में करीब दो करोड़ रुपये की ठगी के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई है। 15 अगस्त को दर्ज इस प्राथमिकी में अभिषेक चौधरी ने हिंदपीढ़ी के पांच लोगों को आरोपित बनाया है।
आरोपितों में शहनवाज शेख, उनके भाई अफताब शेख व सफदर शेख, बहन तबस्सुम इसरार और शबनम शेख शामिल हैं। पूरा मामला जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़ा हुआ है। हिंदपीढ़ी थाने की पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। जमीन से संबंधित दस्तावेज, रुपयों के लेन-देन के कागजात और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
दर्ज प्राथमिकी में अभिषेक चौधरी ने बताया है कि वर्ष 2021 में हिंदपीढ़ी के शेखर मेंशन निवासी शहनवाज शेख और अन्य आरोपितों ने उनके पिता अमिताभ चौधरी के सामने खलारी और चान्हो अंचल क्षेत्र के केदल एवं रामदगा गांव में स्थित 736 डिसमिल जमीन का सौदा किया था। जमीन की कीमत 20 हजार रुपये प्रति डिसमिल तय की गई थी।
इसके बाद अमिताभ चौधरी ने जमीन खरीदने के लिए कई किस्तों में आरोपितों को करीब दो करोड़ रुपये दिए थे। यह राशि उन्होंने दरभंगा और मधुबनी स्थित अपने पैतृक गांव की करीब 150 कट्ठा जमीन बेचकर जुटाई थी। शहनवाज शेख ने नौ सितंबर 2021 को अमिताभ चौधरी के ईमेल पर जमीन का एकरारनामा भी भेजा था। अभिषेक चौधरी के अनुसार, 20 जुलाई 2022 को अंतिम किस्त के तौर पर 21 लाख रुपये का चेक दिया गया था।
अभिषेक चौधरी ने अपनी शिकायत में बताया कि जमीन की रजिस्ट्री होने से पहले ही 16 अगस्त 2022 को उनके पिता अमिताभ चौधरी का निधन हो गया। पिता के निधन के बाद जमीन की रजिस्ट्री नहीं हुई और आरोपित जमीन की कीमत बढ़ाने लगे।
पिता के निधन के बाद अभिषेक ने 28 अगस्त को शहनवाज शेख से मुलाकात की। इस दौरान शहनवाज ने जमीन का सौदा 25 हजार रुपये प्रति डिसमिल तय होने की बात कही। आरोपित ने यह भी कहा कि उसे दो करोड़ रुपये नहीं, बल्कि केवल 1.32 करोड़ रुपये मिले हैं। अभिषेक द्वारा रुपये वापस मांगने पर शहनवाज शेख लगातार टाल-मटोल करने लगे।
बाद में आरोपितों ने जमीन की कीमत करीब 50 हजार रुपये प्रति डिसमिल बताते हुए एक करोड़ रुपये और देने की मांग की। इसके बाद 17 अगस्त 2023 को शहनवाज शेख ने बताया कि उक्त जमीन को बैंक के पास गिरवी रख दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है। जमीन के दस्तावेज, लेन-देन से संबंधित कागजात और प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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