सना खान
मुंबई में कार खरीदना अब सिर्फ ईएमआई का हिसाब नहीं है। बढ़ते वाहनों, ट्रैफिक और पार्किंग की चुनौती के बीच निजी कार की वास्तविक लागत लगातार बढ़ रही है। सवाल यह है कि कार की कीमत के अलावा मुंबईकर हर महीने इसके लिए कितना खर्च कर रहा है।
महाराष्ट्र परिवहन विभाग के २०२४-२५ के आंकड़ों के अनुसार, ३१ मार्च २०२५ तक ग्रेटर मुंबई में ५१.३४ लाख वाहन पंजीकृत थे। इसी वित्त वर्ष में २,९४,९४० नए वाहनों का पंजीकरण हुआ।
१० किलोमीटर में करीब २९ मिनट
TomTom Traffic Index के २०२५ के मुताबिक, मुंबई का औसत कंजेशन लेवल ६३.२ प्रतिशत रहा। १० किलोमीटर की यात्रा में औसतन २८ मिनट ५१ सेकंड लगे, जबकि शाम ६ बजे कंजेशन १२९ प्रतिशत तक पहुंचा। यानी कार मालिक की लागत सिर्फ पेट्रोल तक सीमित नहीं है। जाम में बिताया गया समय भी रोजमर्रा की यात्रा की कीमत बढ़ाता है।
पेट्रोल का खर्च
२५ अगस्त २०२६ को मुंबई में पेट्रोल की कीमत १११.२१ रुपए प्रति लीटर थी।
यदि कोई कार रोजाना ३० किलोमीटर और महीने में २६ दिन चलती है, तो १२ किलोमीटर प्रति लीटर के अनुमानित माइलेज पर करीब ६५ लीटर पेट्रोल लगेगा। मौजूदा दर पर यह लगभग ७,२२९ रुपए प्रति माह, यानी करीब ८६,७५० रुपए सालाना बैठता है। यह केवल उदाहरण है; वास्तविक खर्च कार और इस्तेमाल पर निर्भर करेगा।
पार्किंग की कीमत भी जुड़ी
मुंबई में कार रखने की दूसरी बड़ी चुनौती पार्किंग है। मनपा ने सार्वजनिक पार्किंग शुल्क में ४० प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा था। मई २०२६ की रिपोर्ट के मुताबिक, मनपा के सार्वजनिक पार्किंग नेटवर्क में करीब ३०,१३५ वाहनों की क्षमता वाली ३७ सुविधाएं थीं। कार खरीदने के बाद बीमा, सर्विसिंग, टायर, बैटरी, टोल और मरम्मत जैसे खर्च भी लगातार जुड़ते रहते हैं। ऐसे में १२ लाख रुपए की मध्यम श्रेणी की पेट्रोल कार की ईएमआई, ईंधन, बीमा, रखरखाव और पार्किंग मिलाकर मासिक लागत लगभग २७,०० रुपए तक पहुंच सकती है। यह एक अनुमान है, निश्चित खर्च नहीं।
