-संकरी सड़कें जस की तस
-बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था पर मरहम नहीं
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई में यातायात की समस्या कम करने के नाम पर एक बार फिर जनता की जेब पर भारी बोझ डालने की तैयारी शुरू हो गई है। बांद्रा फोर्ट कनेक्टर परियोजना को महाराष्ट्र सरकार ने १,७२२.४० करोड़ रुपए की प्रशासनिक मंजूरी दी है। बांद्रा फोर्ट के पास, होटल ताज लैंड्स एंड के सामने बनने वाला यह चार लेन का कनेक्टर समुद्री मार्ग से आने-जाने वाले वाहनों को यातायात की भीड़ से राहत देने के दावे के साथ बनाया जाएगा। हालांकि, सवाल यह है कि मौजूदा संकरी सड़कों की क्षमता बढ़ाने और उनकी बदहाली दूर करने के बजाय नई परियोजनाओं पर करोड़ों-अरबों रुपए क्यों खर्च किए जा रहे हैं?
३.५५ किमी के रास्ते पर १,७२२ करोड़ का खर्च
प्रस्तावित कनेक्टर की कुल लंबाई रैंप और लूप सहित करीब ३.५५ किलोमीटर होगी। इस परियोजना पर १,७२२.४० करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इसमें करीब १,१८३.७९ करोड़ रुपए की सिविल निर्माण लागत, संबंधित प्रावधान और जीएसटी शामिल हैं।
२.६ किमी का सफर, २० से ३० मिनट का जाम
वर्तमान में सी लिंक टोल प्लाजा से पाली हिल तक जाने वाला मार्ग कई जगहों पर संकरा है और अधिकांश हिस्सा एक लेन का है। भारी यातायात के कारण करीब २.६ किलोमीटर की दूरी तय करने में २० से ३० मिनट तक लग जाते हैं। प्रशासन का दावा है कि नया चार लेन कनेक्टर सड़क की क्षमता बढ़ाकर यातायात का दबाव कम करेगा। लेकिन सवाल यह है कि जिस मौजूदा यातायात व्यवस्था को वर्षों से बेहतर नहीं किया गया, उसकी क्षमता बढ़ाने और संकरी सड़कों को सुधारने के बजाय अब हजारों करोड़ रुपए की नई परियोजना को ही समाधान क्यों माना जा रहा है?
