सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में निजी कोचिंग क्लासों के बढ़ते प्रभाव और विद्यार्थियों पर पड़ रहे अतिरिक्त शैक्षणिक दबाव को नियंत्रित करने के लिए भाजपा-नीत महायुति सरकार ने गजब फरमान जारी करने जा रही है। सरकार १३ वर्ष से कम उम्र के विद्यार्थियों को निजी कोचिंग क्लासों में प्रवेश देने पर रोक लगाने जा रही है। इसके साथ ही स्कूल या कॉलेज के परिसर में निजी कोचिंग क्लास चलाने पर भी प्रतिबंध लगेगा। इस संदर्भ में सरकार नया कानून बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य सरकार ने कोचिंग क्लासों के नियमन के लिए कानून का प्रारूप तैयार किया है और नागरिकों से इस पर सुझाव एवं आपत्तियां मांगी गई हैं। आगामी विधानमंडल अधिवेशन में दोनों सदनों में चर्चा के बाद इसे कानून का रूप देने का सरकार का प्रयास है। शिक्षा शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने कहा कि पिछले एक वर्ष से इस कानून को लेकर अध्ययन किया जा रहा था।
प्रस्तावित कानून के अनुसार २५ से अधिक विद्यार्थियों वाले निजी कोचिंग क्लासों का पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा। साथ ही १३ वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कोचिंग क्लासेस में प्रवेश पर रोक होगी। स्कूल के निर्धारित समय के दौरान निजी ट्यूशन लेने पर भी प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है।
