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उद्योगों के नाम पर महाराष्ट्र को प्रदूषण की सौगात?..महाराष्ट्र में ‘राख’, गुजरात में ‘रंगोली’!.. आदित्य ठाकरे का भाजपा सरकार पर हमला

सामना संवाददाता / मुंबई

रोजगार देने के नाम पर पर्यावरण को बर्बाद अर्थात ‘राख’ करने वाले उद्योग भाजपा सरकार महाराष्ट्र पर थोपे जा रही है, जबकि गुजरात में फायदेमंद व अच्छे प्रोजेक्टों की ‘रंगोली’ सजाई जा रही है। यह नहीं चलेगा। इस तरह के नुकसानदेह उद्योगों को कहीं न कहीं रोकना होगा। ऐसे शब्दों में शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने कल भाजपा सरकार के पक्षपाती कामकाज को लेकर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि रोजगार देना ही है तो पर्यावरण के अनुकूल और पर्यटन से जुड़े उद्योग लाएं। एमआईडीसी को कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है, इस पर ध्यान दें।
रत्नागिरी जिले की लोटे औद्योगिक क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का आदित्य ठाकरे ने कल निरीक्षण किया। इसके बाद उद्योग भवन में उन्होंने उद्यमियों के साथ चर्चा की। उद्यमियों की समस्याएं सुनने के बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने राज्य में उद्योगों की स्थिति पर बेबाक टिप्पणी करते हुए उद्योग मंत्री और राज्य सरकार के कामकाज की आलोचना की। आदित्य ठाकरे ने कहा कि राज्य की कई औद्योगिक क्षेत्रों की स्थिति इस एमआईडीसी जैसी ही है। कई जगहों पर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। सरकार का ध्यान नहीं होने के कारण चाकण और हिंजवाड़ी के उद्योग राज्य से बाहर जा रहे हैं। उद्योग बंद होने के कारण रोजगार के अवसर छिन रहे हैं। इस अवसर पर शिवसेना नेता विनायक राऊत, जिलाध्यक्ष विक्रांत जाधव, तालुकाध्यक्ष अंकुश काते और जिला परिषद सदस्य संतोष थेराडे उपस्थित थे। लोटे औद्योगिक क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं को लेकर आदित्य ठाकरे ने चिंता व्यक्त की। लोटे पहुंचने के बाद जब वे गाड़ी से उतरे तो सामने बड़े गड्ढे और कीचड़ से भरे रास्ते को देख उन्होंने कहा कि एमआईडीसी की सड़कें कहीं दिखाइ नहीं दे रही हैं। आदित्य ठाकरे ने बताया कि इन सड़कों का डामर कौन खा गया, यह सबको पता है। ऐसे शब्दों में उन्होंने उद्योग मंत्री उदय सामंत का नाम लिए बिना उन पर तंज कसा।
उद्यमियों पर दबाव, मैं आया तो ये काम पर लग जाते हैं
आदित्य ठाकरे ने कहा कि लोटे औद्योगिक बस्ती में भी उद्यमी परेशान हैं, ऐसी जानकारी मिलने के बाद मैं आज यहां आया। मैंने बंद कमरे में उद्यमियों के साथ चर्चा की, क्योंकि उन पर भी दबाव है। उन्हें किसी न किसी तरह परेशान किया जा सकता है। आदित्य ठाकरे ने कहा कि लेकिन मैं आता हूं तो सभी काम पर लग जाते हैं। मेरे लोटे एमआईडीसी के दौरे पर आने की जानकारी मिलते ही कुछ सड़कों की मरम्मत की गई, लेकिन बारिश हुई और सारी हकीकत सामने आ गई। चाकण में भी मेरे दौरे के बाद उद्योगमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों गए। उन्होंने कहा कि हमने उद्योजकों का खयाल रखा, लेकिन इस सरकार ने उद्यमियों को उनके हाल पर छोड़ दिया।
मुंबई-गोवा महामार्ग के टोल से हजारों करोड़ की वसूली
जनता से टोल के नाम पर हजारों करोड़ रुपए वसूले हैं, विज्ञापनों पर करोड़ों रुपए बहाए हैं, लेकिन सरकार सड़कों के गड्ढे नहीं पाट पाई है। आज भी गड्ढों से होकर यात्रा करने के लिए लोग मजबूर हैं। यह इस सरकार का पाप है, शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा कि पाप सरकार ने किया है और लोगों के हिस्से में आया जानलेवा सफर और सड़कों के गड्ढों का संकट आखिर कब खत्म होगा, ऐसा सवाल करते हुए आदित्य ठाकरे ने जनता का पैसा बर्बाद करने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

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