-पांच साल से तैनात लिपिकों का ही ग़ैरजिला तबादला-राकेश
सामना संवाददाता / सुल्तानपुर
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने सोमवार को सुल्तानपुर में लंबित शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण के लिये जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय का मुख्य द्वार घेर कर धरना दिया। अपने प्रदेशस्तरीय पदाधिकरियों की मौजूदगी में सभा की। डीआईओएस दफ्तर में व्याप्त भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाते हुए जिलाध्यक्ष व प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार उन्मूलन के लिये सबसे पहला कदम लंबे समय से जिविनि दफ्तर व अन्य स्थानों पर तैनात होने से जड़ेर बन चुके बाबुओं के तबादले किये जांय। जिन क्लर्कों ने सेवा के पांच साल यहां पूरा कर लिया है उन्हें ग़ैरजिला भेजा ज़ाय। वे स्वयं धरने की अध्यक्षता कर रहे थे।
मुख्य अतिथि के तौर पर वरिष्ठ प्रादेशिक उपाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा एवं पेंशन बहाली हमारे जीवन मरण का प्रश्न है। जब तक यह प्रश्न हल नहीं होता है, तब तक हम सक्रिय संघर्ष करते रहेंगे। शिक्षा और शिक्षकों से संबंधित समस्याओं एवं संदर्भों को उठाने वाली “शिक्षक” पत्रिका के संपादक राजेंद्र प्रसाद सिंह ने वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह की उपलब्धियों पर चर्चा की। कहा कि उन्होंने चयन बोर्ड से चयनित किंतु प्रतीक्षा सूची में पड़े शिक्षकों के आशा व उम्मीद को मंजिल तक पहुंचाया। उन्हें नियुक्तिपत्र दिलाकर विभिन्न कॉलेजों में कार्यभार ग्रहण कराया।
संघ की प्रादेशिक कोषाध्यक्ष अर्चना त्रिपाठी ने जिविनि दफ्तर पर निशाना साधा। कहा कि कार्यालय, भ्रष्टाचार की मनोवृत्ति को बदले व अपनी कार्यशैली में सुधार करे। शिक्षकों को व्यापक आंदोलन के लिए मजबूर ना किया जाए।
मीडिया प्रभारी अनिल कुमार सिंह ने कहा कि एनपीएस के तहत विभिन्न कॉलेजों की अनेकों समस्याएं हैं, जिनका समाधान अविलंब करना चाहिए।
विभिन्न कॉलेजों के प्रधानाचार्यगण भी धरने में शामिल हुए। चौकिया इंटरकालेज के प्रधानाचार्य डॉ. दिनेश सिंह ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं के निस्तारण के लिए संगठन का मजबूत होना अत्यंत आवश्यक है। प्रधानाचार्य परिषद के अध्यक्ष अजय कुमार ओझा ने कहा कि कार्यालय का भ्रष्टाचार समाप्त होना चाहिए
भारी बारिश के बावजूद भी धरने में शिक्षकों की भागीदारी बहुत बड़ी संख्या में उपस्थित रही, जिनमें श्याम लाल विश्वकर्मा, विशाल सिंह,राम कुमार, अमित सिंह, विजय भारती, अनिल कुमार सिंह सुशीला सिंह, शीला देवी, एहतेराम हुसैन, सतीश चंद्र दूबे, प्रधानाचार्यो में जितेंद्र सिंह, अजय कुमार ओझा, धर्मेंद्र उपाध्याय, प्रवेश कुमार यादव आदि शामिल रहे।
