संदीप पांडेय / मुंबई
भांडुप-पश्चिम के अमृत सृष्टि एसआरए सीएचएस, जनता मार्वेâट और माटेश्वरी हॉल के आसपास पिछले कई दिनों से जमा कचरे ने स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ा दी है। जगह-जगह पैâली गंदगी और बढ़ते मच्छरों के प्रकोप के बीच क्षेत्र में डेंगू का खतरा मंडरा रहा है। निवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद मनपा प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर प्रशासन कब गंभीर होगा?
निवासियों के अनुसार, कचरे और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप के बीच तीन बच्चों को डेंगू की पुष्टि हुई है। वहीं तीन अन्य बच्चे तेज बुखार से पीड़ित हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि लंबे समय से जमा कचरे और मच्छरों के कारण क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं।
निवासियों ने मांग की है कि तत्काल कचरा साफ कराया जाए, एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव और फॉगिंग कराई जाए। इसके साथ ही डेंगू और मच्छरों के बढ़ते खतरे को देखते हुए क्षेत्र में युद्धस्तर पर सफाई अभियान चलाया जाए। लोगों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बीमारी का प्रकोप और बढ़ सकता है। इस संबंध में मनपा अधिकारियों अथवा संबंधित स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संपर्क नहीं हो सका।
शिकायत दर्ज हुई, लेकिन
कार्रवाई वार्ड नंबर में अटक गई
मनपा की कार्यप्रणाली पर सबसे बड़ा सवाल तब खड़ा हुआ, जब निवासियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीरों के साथ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को मनपा के एमएआरजी पोर्टल पर दर्ज तो किया गया, लेकिन उसमें संबंधित वार्ड ११२ के बजाय वार्ड ११० दर्ज कर दिया गया। नतीजा यह हुआ कि शिकायत संबंधित क्षेत्र तक पहुंचने और कार्रवाई होने के बजाय कथित तौर पर वार्ड नंबर की गलती में ही उलझ गई।
