– क्या नवंबर तक तैयार होगा प्रभादेवी आरओबी?
सामना संवाददाता / मुंबई
रेलवे प्रभादेवी, लालबाग और परेल इलाके के यात्रियों को बेहतर यातायात सुविधा देने का दावा करने वाली प्रभादेवी रेलवे ओवरब्रिज परियोजना अब तेज करने की तैयारी में है, लेकिन इसके साथ ही यात्रियों की परेशानी भी बढ़ने वाली है। ‘महारेल’ ने नवंबर २०२६ तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पश्चिम और मध्य रेलवे मार्गों पर २५ दिनों में कुल ३९ नाइट ब्लॉक लेने की योजना बनाई गई है। यानी भविष्य की सुविधा पाने से पहले लाखों यात्रियों को बदले समय और संभावित रद्दीकरण का सामना करना पड़ सकता है।
प्रत्येक ब्लॉक ढाई घंटे का होगा। इनमें ३२ ब्लॉक विशाल स्टील स्पैन स्थापित करने के लिए लिए जाएंगे, जबकि अन्य ब्लॉक तकनीकी और पूर्व तैयारी कार्यों के लिए होंगे। इसका असर देर रात और तड़के चलने वाली लोकल ट्रेनों के साथ ही मुंबई आने-जाने वाली कुछ मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों पर भी पड़ सकता है। यात्रियों को संशोधित समय-सारिणी के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनानी होगी।
चार विशाल स्टील स्पैन भी मुंबई पहुंच चुके हैं। इनमें ९२.५ मीटर लंबाई के दो और ३४.५ मीटर के दो स्पैन शामिल हैं। ११२ साल पुराने एल्फिंस्टन पुल की जगह वरली-शिवड़ी एलिवेटेड रूट परियोजना के तहत आधुनिक डबल डेकर आरओबी बनाया जा रहा है। दावा है कि इसके शुरू होने से यात्रियों, पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी।
निर्माण की धीमी गति के पीछे पश्चिम और मध्य रेलवे लाइनों के ऊपर भारी गर्डरों की लॉन्चिंग बड़ी चुनौती है। मेगा ब्लॉक केवल रात में सीमित समय के लिए मिल पाता है। वहीं मनपा, महारेल, रेलवे और ट्रैफिक पुलिस के बीच एनओसी और समन्वय से जुड़ी बाधाओं ने भी काम की रफ्तार पर असर डाला। इसका खामियाजा आम जनता को भीड़, कीचड़ और यातायात जाम के रूप में भुगतना पड़ा।
अब असली सवाल यह है कि क्या नवंबर २०२६ का लक्ष्य समय पर पूरा होगा? मुंबईकर पहले भी बड़े-बड़े दावे और समयसीमा सुन चुके हैं, जबकि कई पुल और परियोजनाएं तय समय गुजरने के बाद भी अधूरी पड़ी हैं। ऐसे में प्रभादेवी आरओबी को लेकर मुंबईकरों को अब सिर्फ घोषणा नहीं, बल्कि समय पर काम पूरा होने और जल्द सुविधा मिलने का इंतजार है।
समय सीमा पर सवाल, धीमी रफ्तार बनी चिंता
पुल को नवंबर २०२६ तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है, लेकिन कनेक्टिविटी और परीक्षण कार्यों के कारण इसके पूरी तरह चालू होने की समय सीमा २०२७ तक खिंचने की संभावना भी बनी हुई है। सितंबर २०२५ में पुराने पुल को बंद करने और हटाने का काम शुरू हुआ था।
