मुख्यपृष्ठनए समाचारमहाराष्ट्र में ड्रग्स का कारोबार बेकाबू!

महाराष्ट्र में ड्रग्स का कारोबार बेकाबू!

-गृह विभाग के आंकड़ों ने खोली नशे के फैलते नेटवर्क की पोल; मुंबई सबसे ऊपर

सामना संवाददाता / मुंबई

महाराष्ट्र में मादक पदार्थों के कारोबार को लेकर सामने आए सरकारी आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। राज्य में ड्रग्स की बिक्री, तस्करी और उससे जुड़े अपराधों में पिछले दो वर्षों के दौरान करीब ४९ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज होने की जानकारी राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सामने आई। गृह विभाग ने वैâबिनेट के सामने मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों की स्थिति और जिलावार आंकड़े पेश किए।
इन आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में ड्रग्स से जुड़े मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मुंबई इस सूची में सबसे ऊपर है, जबकि ठाणे, नागपुर और रायगढ़ जैसे जिले भी गंभीर स्थिति वाले क्षेत्रों में शामिल बताए गए हैं।
ड्रग्स की बिक्री से जुड़े मामलों में ४९ज्ञ् उछाल
सरकार द्वारा तय किए गए वर्गीकरण के मुताबिक, ५०० से अधिक ड्रग्स संबंधी मामले दर्ज होने वाले जिलों को ‘रेड जोन’ में रखने का निर्णय लिया गया है। इसी आधार पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह जिले नागपुर और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के प्रभाव वाले ठाणे का नाम भी गंभीर श्रेणी में सामने आया है।
सबसे ज्यादा मामले मुंबई में दर्ज होने की जानकारी है। इसके बाद ठाणे, नागपुर, रायगढ़ सहित अन्य जिलों का क्रम बताया गया है। इससे साफ है कि नशे का कारोबार अब केवल मुंबई तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में इसका नेटवर्क पैâल रहा है। मंत्रिमंडल की बैठक में ड्रग्स की बिक्री और तस्करी में बढ़ोतरी को लेकर गंभीर चर्चा हुई। कुछ मंत्रियों ने भी नशे के बढ़ते कारोबार पर चिंता जताते हुए इसके खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जरूरत बताई। ड्रग्स की बिक्री पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने २०२९ तक महाराष्ट्र को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत व्यापक नीति तैयार की है। इस नीति में मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री पर नियंत्रण के साथ नेटवर्क को खत्म करने पर जोर दिए जाने की बात सामने आई है। सरकार ने ड्रग्स से जुड़े मामलों की संख्या के आधार पर जिलों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटने का फैसला किया है। ५०० से अधिक मामलों वाले जिले ‘रेड जोन’ में होंगे, जबकि कम मामलों वाले जिलों को अलग श्रेणियों में रखा जाएगा।

अन्य समाचार