मुख्यपृष्ठनमस्ते सामनाहिंदी गजल : किसी भी हाल में खोना नहीं है

हिंदी गजल : किसी भी हाल में खोना नहीं है

किसी भी हाल में खोना नहीं है
ये सच्चा प्रेम है सोना नहीं है

जो निज अर्धांगिनी का हो न पाया
वो तो सौतन का भी होना नहीं है

किसी से प्रेम करना पाप है तो
मुझे उस पाप को धोना नहीं है

अपेक्षाओ क्षमा कर दो मुझे तुम
मुझे अब और दुख ढोना नहीं है

ह्रदय बोला दुखी अब और मत कर
नयन भी बोल उठे रोना नहीं है

बहाऊं अश्रु मैं किस ठौर जाकर
तेरे घर में कोई कोना नहीं है।

-(बहुभाषी शायर नवीन सी. चतुर्वेदी)

अन्य समाचार