अनिल मिश्र / रांची
झारखंड प्रदेश के राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, पलामू में नवप्रवेशी अभियंत्रण स्नातक (बी.टेक.) सत्र 2026–2030 के विद्यार्थियों के लिए आयोजित इंडक्शन कार्यक्रम ‘आरंभिका 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। पहले दिन विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और अभियंत्रण शिक्षा की व्यापक संभावनाओं से परिचित कराया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रचार्य प्रो. डॉ. संजय कुमार सिंह, अकादमिक प्रभारी डॉ. हरि मोहन दुबे, विभिन्न विभागाध्यक्षों और संयोजकों ने दीप प्रज्वलित कर किया। संयोजक डॉ. सुमित कुमार ने विद्यार्थियों को अभियंत्रण जीवन की शुरुआत में इंडक्शन कार्यक्रम की भूमिका और महत्व बताया, जबकि डॉ. दीपेश कुमार ने परीक्षा एवं मूल्यांकन प्रणाली की जानकारी दी। अकादमिक प्रभारी डॉ. हरि मोहन दुबे ने अनुशासन, निरंतर अध्ययन और नई तकनीकों के साथ कदम मिलाकर चलने का संदेश दिया। वहीं विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, सिविल, मैकेनिकल तथा कंप्यूटर विज्ञान विभागाध्यक्षों ने तकनीकी दक्षता, व्यक्तित्व विकास, प्रशिक्षण, रोजगार के अवसर और स्वास्थ्य के महत्व पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।अकादमिक प्रभारी डॉ. हरि मोहन दुबे ने अनुशासन, निरंतर अध्ययन और नई तकनीकों के साथ कदम मिलाकर चलने का संदेश दिया। वहीं विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, सिविल, मैकेनिकल तथा कंप्यूटर विज्ञान विभागाध्यक्षों ने तकनीकी दक्षता, व्यक्तित्व विकास, प्रशिक्षण, रोजगार के अवसर और स्वास्थ्य के महत्व पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।समापन संबोधन में प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. संजय कुमार सिंह ने महाविद्यालय को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने की परिकल्पना साझा करते हुए विद्यार्थियों से बदलती तकनीकी दुनिया के अनुरूप स्वयं को तैयार रखने का आह्वान किया। अंत में समन्वयक डॉ. मुरली मनोहर ने सभी अतिथियों और आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया। आरंभिका 2026 ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक तैयारी और सर्वांगीण विकास की दिशा में मजबूत शुरुआत प्रदान की।
