मुख्यपृष्ठनए समाचारशुक्रवार को पूरी काशी भक्तिभाव में डूबी

शुक्रवार को पूरी काशी भक्तिभाव में डूबी

सामना संवाददाता / वाराणसी

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को पूरी काशी भक्तिभाव में डूबी नजर आई। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर शहर के प्रमुख मंदिरों में विशेष सजावट, पूजन-अर्चन और धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं। दुर्गाकुंड स्थित इस्कॉन मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भगवान के दर्शन के लिए मंदिर के बाहर करीब एक किलोमीटर लंबी कतार लगी रही। हाथों में पूजा की थाली और मुख पर राधे-कृष्ण के जयकारों के साथ भक्त अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए।
मंदिर परिसर भजन-कीर्तन से गूंजता रहा। कीर्तन मंडलियों की प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु झूमते और नृत्य करते नजर आए। इस्कॉन मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के महाभिषेक के लिए 51 प्रकार के द्रव्यों से विशेष मिश्रण तैयार किया गया है। इसमें गंगाजल, दूध, दही और विभिन्न फल-फूलों के रस शामिल हैं। रात 10 बजे रजत कलशों में रखे इन द्रव्यों से महाभिषेक शुरू होगा, जो मध्यरात्रि तक चलेगा। इसके बाद लड्डू गोपाल को 108 प्रकार के व्यंजनों का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा।
हरे कृष्ण हरे राम संकीर्तन सोसाइटी के तीन दिवसीय श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महामहोत्सव के दुसरे दिन शुक्रवार को आस्थावानों की भारी भीड़ उमड़ी। यहां सायं 5:30 बजे दीपक प्रज्वलन, तुलसी महारानी की आरती “तुलसी कृष्ण प्रेयसी नमो नमः” गायन-प्रियंवदा प्रियंका देवी द्वारा संपन्न हुआ! तत्पश्चात् चैतन्य महाप्रभु की गौर आरती एवं हरेकृष्ण महामंत्र संकीर्तन पर पूरा माहेश्वरी भवन कृष्णमय हो गया। इसके बाद श्री नृसिंह भगवान की भावपूर्ण आरती हुई। इस दौरान महामंत्रो के गायन पर भक्तजन नाचते, गाते, झूमते रहे! नृत्य नाटिका में बाल भक्तिन् यशविका बरसाना मेरो राधा रानी मेरो का मन मोह लिया। भक्तगण भाव-विभोर होकर ऐसा नृत्य कर रहे थे जैसे बृजधाम काशी में उतर आया हो ! भगवान श्रीविग्रह श्री राधागोविंदजी एवं श्री जगन्नाथजी, वलदेवजी व सुभद्रा महारानी देवी के श्रीविग्रहो का मनोहारी श्रृंगार किया गया था !!
हरे कृष्ण महामंत्र संकीर्तन में भक्तगण झूमते-नाचते स्वयं को वृंदावन धाम में महसूस कर रहे थे। भगवान श्रीकृष्ण के बालरूप श्री लड्डू गोपाल का दूध, दही, शहद, गंगाजल इत्यादि से सोसाइटी के भक्तों द्वारा सर्वप्रथम अभिषेक किया गया तत्पश्चात माहेश्वरी भवन में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं द्वारा अभिषेक कर भगवान लड्डू गोपाल का अर्चन-पूजन किया गया।
दुर्गाकुंड स्थित श्रीधर्मसंघ शिक्षा मंडल में भी जन्माष्टमी उत्सव धार्मिक उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यहां 5 सितंबर तक चलने वाले उत्सव के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और लीलाओं पर आधारित 10 से अधिक झांकियां सजाई गई हैं। परिसर को विद्युत झालरों, रंग-बिरंगे फूलों और पत्तियों से भव्य रूप दिया गया है।
जन्माष्टमी के चलते काशी के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बनी हुई है। मंदिरों में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

अन्य समाचार