सामना संवाददाता / हैदराबाद
सेना की आर्मरी से बड़ा संख्या में हथियार और कारतूस चोरी होने के मामले में तेलंगाना पुलिस ने रिटायर्ड हवलदार को गिरफ्तार किया है। वारदात ३०-३१ अगस्त की रात सिकंदराबाद कैंटोनमेंट स्थित २० बटालियन मद्रास रेजिमेंट के ‘बेल ऑफ आर्म्स’ में हुई थी। आरोपी उप्पुथोल्ला मल्लेश (३७) के पास से सभी हथियार और गोला-बारूद बरामद कर लिए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, मल्लेश ने २०१० में सेना जॉइन की थी और १६ साल तक हवलदार के तौर पर सेवा की। उसे इसी साल ३० जून को स्वास्थ्य कारणों और अनुशासनहीनता के चलते अनिवार्य रिटायरमेंट दी गई थी। ३० अगस्त रात करीब ११ बजे मल्लेश बाइक से आर्मरी पहुंचा। वहां पहले काम कर चुका होने से गेट पर किसी ने शक नहीं किया। पहले चक्कर में उसने हथियार, कारतूस और नाइट-विजन बाइनोकुलर चुराए और पास के मंदिर में उतार दिए। दूसरे चक्कर में वह फिर लौटा और मैगजीन चुरा ले गया। बाद में उसने सामान अपनी मारुति ब्रेजा कार में रखा, जिससे वह यात्रियों को ढोकर रोजी-रोटी कमाता था। ३१ अगस्त सुबह प्रभारी विनोद कुमार नाईक ने चोरी की शिकायत की। बोलारम पुलिस ने केस दर्ज किया और टास्क फोर्स, एसओटी, खुफिया टीमों ने जांच शुरू की।
पुलिस ने ‘बेल ऑफ आर्म्स’ तक पहुंच वाले कर्मियों, स्टोर प्रभारियों से पूछताछ की, लेकिन सबूत नहीं मिला। १६ नियमित हथियार इस्तेमाल करने वाले जवानों, छुट्टी पर गए ५४ सैनिकों और ७ पूर्व सैनिकों से भी पूछताछ हुई। शक दो पूर्व हवलदारों पर गया। मल्लेश ने पहली पूछताछ में सहयोग नहीं किया। उसके फोन रिकॉर्ड और व्हॉट्सऐप चैट डिलीट मिले और वह घबराया हुआ था।
समय से पहले रिटायरमेंट से था नाराज
डीजीपी सीवी आनंद के मुताबिक, पुलिस ने उसकी पत्नी को गंभीरता समझाकर उसके सामने पूछताछ की, तब मल्लेश ने चोरी कबूल की। उसने हथियार पहले घास के ढेर में छिपाए, फिर ६ सितंबर को दोस्त की मदद से गांव के एक घर में रखे और ८ सितंबर को फिर जगह बदली। पुलिस आतंकी और ड्रग कनेक्शन समेत हर एंगल से जांच कर रही है, हालांकि प्रारंभिक जांच में यह समय से पहले रिटायरमेंट से नाराजगी में की गई वारदात लग रही है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
