सामना संवाददाता / सुल्तानपुर
यूपी के सुल्तानपुर जिले के बाशिंदे सत्यदेव राजी रोटी के सिलसिले में संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे थे। गत माह वहीं उनकी दुर्घटनावश मृत्यु हो गई। जिनके शव को परदेश से पैतृक गांव लाने में सत्रह दिन लग गए। विदेश मंत्रालय की खास पैरवी के बाद शनिवार को जब सत्यदेव (२३) का शव उनके गांव पहुंचा तो परिवारीजन शोकाकुल हो उठे। उन्हें श्रद्धाजंलि अर्पित करने वालों का तांता लग गया। बता दें कि कूरेभार थानांतर्गत दबौलिया गांव निवासी सत्यदेव तिवारी २३ सितंबर २०२५ को रोजगार के लिए संयुक्त अरब अमीरात गए थे। वहां वह प्लंबर का काम करते थे। परिजनों के मुताबिक, २७ अगस्त २०२६ को कंपनी के इंचार्ज ने फोन पर सत्यदेव के निधन की सूचना दी। खबर मिलते ही परिवार सदमे में आ गया। परिवार के सामने सबसे बड़ी चिंता सत्यदेव के पार्थिव शरीर को सुरक्षित वतन लाने की थी। मृतक के चचेरे भाई आनंद तिवारी ने कादीपुर नगर पंचायत के मोहल्ला तुलसी नगर निवासी समाजसेवी अब्दुल हक़ से संपर्क किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब्दुल हक़ ने तुरंत प्रयास शुरू किए। उन्होंने भारतीय दूतावास, अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार लोगों से लगातार संपर्क किया। सांसद संजय सिंह, विधायक राजप्रसाद उपाध्याय की पहल और सहयोग से इस प्रयास को मदद मिली। इन प्रयासों से पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया पूरी हुई।
