-माधवी नाईक को पद से हटाने की मांग
सुनील ओसवाल / मुंबई
भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चे में अंदरूनी असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। प्रदेश महामंत्री और एससी मोर्चे की प्रभारी माधवी नाईक की कार्यशैली को लेकर पार्टी के विभिन्न दलित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गंभीर सवाल उठाए हैं। नाराज नेताओं ने नाईक को एससी मोर्चे के प्रभारी पद से हटाने के साथ ही पार्टी की कार्यकारिणी से भी बाहर करने की मांग पार्टी नेतृत्व के सामने रखी है।
नाराज नेताओं का आरोप है कि पिछले कई वर्षों से नाईक के कथित मनमाने रवैये के कारण जमीनी स्तर पर पार्टी के लिए काम करने वाले दलित नेताओं और कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ता गया है। उनका दावा है कि संगठन में सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियों से दूर रखा जा रहा है। वहीं, पदों के चयन में पार्टी के लिए किए गए काम और संगठनात्मक योगदान के बजाय व्यक्तिगत नजदीकी और सिफारिशों को प्राथमिकता दिए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
दलित नेताओं का कहना है कि वर्षों से पार्टी के लिए जमीन पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की लगातार अनदेखी से एससी मोर्चे की संगठनात्मक ताकत कमजोर हुई है। महार, मातंग और अन्य अनुसूचित जाति समुदायों से जुड़े कार्यकर्ताओं के सवालों और उनकी राजनीतिक भागीदारी को अपेक्षित महत्व नहीं मिलने से भी नाराजगी बढ़ी है।
