संदीप पांडेय / ठाणे
मुंबई महानगर क्षेत्र में इंफ़्रास्ट्रक्चर विकास के नाम पर करोड़ों रुपए की परियोजनाएं तेजी से खड़ी की जा रही हैं। लेकिन इन परियोजनाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा की निगरानी कितनी गंभीरता से हो रही है, इसका सवाल कासारवडवली फ्लाईओवर की मौजूदा स्थिति ने खड़ा कर दिया है। एमएमआरडीए द्वारा निर्मित इस फ्लाईओवर के पहले चरण का उद्घाटन ८ जुलाई २०२५ को राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने किया था। उद्घाटन के करीब १४ महीने बाद फ्लाईओवर के एक हिस्से से कंक्रीट का बड़ा टुकड़ा नीचे व्यस्त सड़क की ओर गिरने की स्थिति में दिखाई दे रहा है।
यदि यह हिस्सा अचानक नीचे गिरा तो वहां से गुजर रहे वाहन या राहगीर इसकी चपेट में आ सकते हैं और गंभीर हादसा हो सकता है। ऐसे में सवाल है कि जनता की सुविधा और सुरक्षित आवागमन के लिए बनाई गई परियोजना इतनी कम अवधि में इस स्थिति तक वैसे पहुंच गई?
एमएमआरडीए की
निगरानी पर सवाल
क्या उद्घाटन से पहले फ्लाईओवर का स्ट्रक्चरल निरीक्षण किया गया था? क्या इसके बाद नियमित जांच हुई? यदि हुई तो कंक्रीट का यह कमजोर या ढीला हिस्सा समय रहते नजर क्यों नहीं आया? और यदि इसकी जानकारी थी तो इसे तत्काल सुरक्षित क्यों नहीं किया गया? इन सवालों का जवाब एमएमआरडीए को देना होगा। यह मामला केवल रखरखाव का नहीं, बल्कि करोड़ों रुपए की सार्वजनिक परियोजनाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था का है।
