सामना संवाददाता / कल्याण
कल्याण- विट्ठलवाड़ी के सुप्रसिद्ध श्री हनुमान मंदिर में श्री हनुमान मंदिर भक्त समूह और श्रीरामचरितमानस रसिक प्रश्नोत्तरी, कल्याण के संयुक्त तत्वावधान में एक भक्तिमय दिव्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें श्री हनुमान चालीसा समूह के द्वारा सप्तम संकल्प अर्थात 0, 7, 777 पाठों की समाप्ति और अष्टम संकल्प के प्रारंभ, जिसमें 08, 88, 888 पाठ पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
इस समूह में पूरे भारतवर्ष से साधक भक्त जुड़े हुए हैं और वे अपने स्थान, यात्रा, प्रतिष्ठान में रहते हुए श्री हनुमान चालीसा का पाठ करते रहते हैं और उसकी संख्या इस समूह में भेजते रहते हैं। प्रतिदिन इसकी गणना समूह के संस्थापक सदस्य डोंबिवली निवासी किरण शुक्ला द्वारा की जाती रहती है और रात 08 बजे तक आए हुए सभी पाठों को क्रमशः शनिवार को संकट मोचन हनुमान जी (वाराणसी) रविवार को, कष्ट भंजन हनुमान जी (गुजरात), सोमवार को सालासर बालाजी हनुमान जी (राजस्थान), मंगलवार को बागेश्वर बालाजी हनुमान जी (मध्य प्रदेश), बुधवार को पंडोखर धाम सरकार, दतिया (म.प्र.) हनुमान, गुरुवार को हनुमान गढ़ी (अयोध्या) हनुमान जी, शुक्रवार को श्री बड़े (लेटे) हनुमान जी, प्रयागराज अर्थात हनुमानजी महाराज के विभिन्न विग्रहों को समर्पित किया जाता है। वडोदरा के बलराम मिश्रा द्वारा उस दिन 25, 50 और 100 या उससे अधिक पाठ करने वाले भक्तों की सूची भी जारी की जाती है, इससे उनमें उत्साह बना रहता है।
शुरुआत में मात्र 01,11,111 पाठ का संकल्प लिया गया था, उसके पूरा होने पर भक्तों में उत्साह और पूरा कर सकने का आत्मविश्वास बढ़ा, फिर क्रमशः 02, 22, 222 फिर 03, 33, 333 और 04, 44, 444 पाठ पूरे हुए। यही क्रम 05, 55, 555 पाठ, 06, 66, 666 पाठ फिर 07, 77, 777 पूरा होने तक जारी रहा। अर्थात अभी तक इस समूह द्वारा कुल 31, 11, 108 पाठ पूरे कर लिए गए हैं। ध्यान देने योग्य है कि प्रत्येक संकल्प के पूरा होने पर संस्थापक डॉ विजय पंडित और सदस्यों की उपस्थिति में धार्मिक यात्रा, के साथ यज्ञाचार्य पंडित शिवमोहन पाण्डेय और अन्य विद्वान ब्राह्मणों के मार्गदर्शन में 108 हनुमान चालीसा पाठ, संगीतमय सुंदरकांड, पूजा, रुद्राभिषेक, यज्ञ, हवन , पाठ करने वाले सदस्यों के साथ समाज के विभिन्न व्यक्तित्वों का भी सम्मान और महा प्रसाद (भंडारा) की व्यवस्था की जाती है। इन कार्यक्रमों के द्वारा अन्य भक्तों को भी समूह से जोड़ने और प्रेरित करने का अवसर मिलता है।
इस बार 08, 88, 888 पाठ पूरा करने का संकल्प सभी भक्तों ने लिया है। इस वर्ष इस कार्यक्रम के साथ कल्याण से चलाई जा रही श्रीरामचरितमानस रसिक प्रश्नोत्तरी के तीसरे पारायण के समापन और
चौथे पारायण के प्रारंभ का आयोजन भी हुआ। इसमें पूरे भारतवर्ष के विभिन्न राज्यों से मानस प्रेमी जुड़े हुए है, प्रतिदिन शाम को श्रीरामचरितमानस के क्रमशः 5 दोहों और उनमें आए हुए सोरठा, श्लोक, चौपाई पर आधारित प्रश्नोत्तरी इसके संचालक मंडल द्वारा आती है उसमें सही उत्तर देने वालों को क्रमशः प्रथम, द्वितीय, तृतीय पदक और अंक प्रदान किए जाते है। सही उत्तर और देने वालों की सूची तथा सत्य विकल्प और संदर्भ भी स्पष्ट किया जाता है। इस प्रश्नोत्तरी का उद्देश्य पूरे राष्ट्र में सनातन धर्म की जागृति, श्रीरामचरितमानस का प्रचार- प्रसार करते हुए उसके मूल्यों को जन जन तक पहुंचाना है। इसमें महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, बिहार, झारखंड, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, दिल्ली इत्यादि राज्यों के कई शहरों,गांवों से विद्यार्थी, डॉ, इंजीनियर्स, एडवोकेट, कथावाचक,सेवा निवृत्त बच्चे,युवा और वृद्ध स्त्री पुरुष जुड़े हुए हैं। इसके संचालक मंडल में
डॉ. विजय पंडित, बलराम मिश्रा (वडोदरा), पंडित पुरुषोत्तम गौतम (कटनी), पंडित ईश्वरदीन ‘व्यास’ जी (शहडोल), नागेंद्र प्रसाद मिश्रा (शहडोल), डॉ.स्नेह विभा मिश्रा (नागपुर), श्रीमती सुनीता द्विवेदी (डोंबिवली), विजय पाण्डेय (उमरिया), श्री रामकुमार कैवर्त्य (छत्तीसगढ़), कुमार शिवम ओझा (अशोक नगर), ठाकुर अरुण सिंह (विदिशा) अपनी मत्वपूर्ण सेवा और सहयोग दे रहे हैं।
इस आयोजन के सम्मानित व्यक्तित्वों में मंदिर के पुजारी श्याम बाबा के साथ समाज के गणमान्य पंडित रामचंद्र पाण्डेय (अध्यक्ष), सृजन संस्था के पदाधिकारी एवं सदस्य, टिटवाला के शिक्षाविद और लेखक डॉ आलोक पाण्डेय, अजय मिश्रा व बेगानी दुनिया अपने लोग के सभी सदस्य, बंगलुरू से ओमप्रकाश दुबे, विजय तिवारी, बागेश्वर धाम से संदीप दुबे, कमलेश तिवारी, अरुण दुबे माटुंगा, करुणापति तिवारी, कांदिवली से रविकांत शुक्ला, ठाकुर बी पी सिंह, राजेंद्र सिंह, दिवा से विकास मिश्रा, कृष्णचंद्र पाठक, बालकृष्ण शर्मा , राजकुमार पाण्डेय, इत्यादि गणमान्यों के अतिरिक विजया पंडित, माधवी शुक्ला, उर्मिला सिंह और अन्य महिलाओं ने चालीसा और मानस के प्रचार प्रसार में अपना अमूल्य योगदान देने का वचन दिया।
इस अवसर पर सभी उपस्थित सदस्यों को श्रीहनुमान चालीसा की पुस्तक जिसमें, इस समूह की पूरी जानकार भी संलग्न है, वितरित की गई।
मुख्य आयोजक समाजरत्न डॉ विजय पंडित जी ने हनुमान मंदिर समूह संचालन की व्यवस्था, इतिहास और योजनाओं पर, किरण शुक्ला ने इससे जुड़ने का आवाहन और अनुभव तथा बलराम मिश्रा ने इसके साथ ही मानस रसिक प्रश्नोत्तरी की कार्यप्रणाली पर विस्तृत जानकारी देते हुए सभी को परिवार,मित्रों सहित दोनों समूहों से जुड़ने का आवाहन किया।डॉ विजय पंडित ने आभार व्यक्त किया।
