-चेतावनी के बावजूद सुरक्षा जाली न लगाने पर एनएचएआई को पुलिस का अल्टीमेटम
सुरेश गोलानी / भायंदर
मुंबई-अमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच:४८) पर स्थित वर्सावे के पुलों पर लगातार हो रही आत्महत्या की घटनाओं और हादसों को लेकर मीरा-भायंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय ने आखिरकार कड़ा रुख अपनाते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ठाणे के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुहास चिटणीस को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
काशीमीरा ट्रैफिक विभाग के सहायक पुलिस आयुक्त सतीश शिवरकर द्वारा हस्ताक्षरित नोटिस में साफ शब्दों में चेतावनी दी गई है कि यदि पुल पर सुरक्षा इंतजाम न होने से कोई भी नई दुर्घटना या आत्महत्या होती है, तो उसके लिए एनएचएआई के अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ सह-आरोपी के रूप में मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ठाणे के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुहास चिटणीस को एक बेहद सख्त कानूनी नोटिस जारी किया है। पुलिस ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि पुल पर सुरक्षा इंतजाम न होने से कोई भी नई दुर्घटना या आत्महत्या होती है, तो उसके लिए एनएचएआई के अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ सह-आरोपी के रूप में मुकदमा दर्ज किया जा सकता है।
नोटिस के मुताबिक, मीरा-भायंदर शहर के वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर होटल फाउंटेन के सामने स्थित वर्सावे के दोनों पुलों से कूदकर आत्महत्या करने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सुरक्षा के लिहाज से ट्रैफिक पुलिस द्वारा जून २०२६ को पत्र भेजकर एनएचएआई से दोनों पुलों के किनारों पर सुरक्षा जाली (बैरिकेडिंग) लगाने की लिखित विनती करने के बावजूद अथॉरिटी ने अब तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है।
नोटिस में हाल ही की एक बेहद संवेदनशील घटना का हवाला दिया है। १४ सितंबर २०२६ को एक व्यक्ति अपनी पत्नी और दो मासूम बच्चों के साथ इसी पर सामूहिक आत्महत्या करने के इरादे से पहुंचा था। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए परिवार को सुरक्षित बचा लिया और एक बड़ी त्रासदी टल गई। पुलिस का कहना है कि यह क्षेत्र मानसिक तनाव से गुजर रहे लोगों के लिए बेहद संवेदनशील (सुसाइड पॉइंट) बनता जा रहा है। इसके अलावा पुल पर वाहन चालक दुर्घटना के शिकार हो रहें हैं। पुलिस ने नोटिस में तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा है कि बार-बार आगाह करने के बाद भी सुरक्षा जाली न लगाना गंभीर लापरवाही और कर्तव्यहीनता है, जो कि अपने आप में एक अपराध है।
लापरवाही पर पुलिस का अल्टीमेटम
वर्सावे पुलों पर लगातार हादसों और आत्महत्या की घटनाओं के बीच पुलिस ने एनएचएआई को कड़ी चेताव है। सुरक्षा जाली नहीं लगाने पर भविष्य में होने वाली किसी दुर्घटना या आत्महत्या के मामले में संबंधित अधिकारियों को सह-आरोपी बनाने की कार्रवाई की जा सकती है।
