मुख्यपृष्ठटॉप समाचारज्ञानेश के खिलाफ ‘महाभियोग’ का महासंग्राम!

ज्ञानेश के खिलाफ ‘महाभियोग’ का महासंग्राम!

-बस २४ घंटे, वरना सड़कों पर…
-संसद से सड़क तक भ्रष्टाचार पर संग्राम!

सामना संवाददाता / नई दिल्ली

चुनावी निष्पक्षता पर उठते सवाल अब आरोपों की दीवार तोड़कर संसद के दरवाजे तक पहुंच गए हैं। शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे के प्रहार के बाद समूचा विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लामबंद हो गया है। कांग्रेस ने लोकसभा और राज्यसभा में उन्हें हटाने का प्रस्ताव लाने के लिए विपक्षी दलों से संपर्क शुरू कर दिया है। अगले दो सप्ताह में नोटिस दिए जाने की तैयारी है।
सवाल केवल एक अधिकारी की कुर्सी का नहीं, देश के मतदाता के अधिकार और चुनाव आयोग की बची-खुची साख का है। एसआईआर, मतदाताओं के नाम काटने-जोड़ने और आयोग के भीतर कथित १४ लिखित आपत्तियों ने सरकार तथा संवैधानिक संस्था दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। राहुल गांधी से लेकर उद्धव ठाकरे, तृणमूल, आप और अभिजीत दीपके तक इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
विपक्ष का आरोप है कि जब आयोग के भीतर ही पैâसलों पर असहमति थी, तो उन्हें सर्वसम्मत बताकर देश से क्या और किसके इशारे पर छिपाया गया?
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
चुनाव आयोग को लेकर एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के बाद विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर हमलावर हैं। कांग्रेस पार्टी पहले ही ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। गुरुवार शाम को राहुल गांधी ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
राहुल गांधी ने कहा कि दो अन्य चुनाव आयुक्तों ने सही काम किया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने देश के खिलाफ काम किया है। इसी दौरान उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह की भूमिका की जांच की मांग भी की।
मोदी-शाह के ऑडियो से की पीसी की शुरुआत
राहुल गांधी ने इस प्रेस कॉन्प्रâेंस की शुरुआत अमित शाह और नरेंद्र मोदी के भाषणों के उस ऑडियो से की, जिनमें वे लंबे समय तक बीजेपी के सत्ता में रहने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि बीजेपी लगातार चुनाव कैसे जीत रही है। राहुल गांधी ने कहा कि हर पार्टी के उतार-चढ़ाव आते हैं, लेकिन मोदी-शाह की बीजेपी के साथ ऐसा नहीं हो रहा है। राहुल गांधी ने दावा किया कि देश में संविधान को नष्ट किया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘५० साल से राजनीति देख रहा हूं। कोई भी नेता इस देश में इस तरह के दावे नहीं कर सकता। इंदिरा गांधी बांग्लादेश का युद्ध जीतने के दो-तीन साल बाद ही भयंकर एंटी-इनकंबेंसी देखती हैं, अटल बिहारी वाजपेयी, राजीव गांधी, मनमोहन सिंह को भी इसका सामना करना पड़ा। यही हाल विभिन्न राज्यों में भी देखने को मिलता है, लेकिन बीजेपी और नरेंद्र मोदी के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी देखने को ही नहीं मिलती है। ये लगातार जीतते जाते हैं। गुजरात और एमपी में नॉन-स्टॉप सरकार चले जा रही है। हरियाणा में एंटी-इनकंबेंसी गायब हो गई।’
‘चुनाव दोबारा हों…’
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर छिड़े विवाद के बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बड़ा दावा किया है। प्रेस कॉन्प्रâेंस के जरिए अरविंद केजरीवाल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के भ्रष्ट होने का दावा किया है और उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। इतना ही नहीं, हाल के दो-तीन साल में हुए सभी विधानसभा चुनावों को रद्द कर दोबारा चुनाव कराने की भी मांग की है।
‘मुंह नुचुआ तो सुना था, अब चुनाव मुचुआ आ गए’
अखिलेश ने ज्ञानेश कुमार पर साधा निशाना
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा है। अखिलेश ने ट्वीट कर कहा, ‘मुंह नुचुआ’ तो सुना था, अब ‘चुनाव मुचुआ’ आ गए हैं। अब एक देश का एक मत-भ्रष्ट ‘मुचुआ’ दें त्यागपत्र! बाकी मतलब समझने के लिए जेन-जी और जागरूक हो चुकी जनता बहुत समझदार है।
‘अगर एक खून माफ हो, तो ज्ञानेश कुमार को गोली मार दें’
दरअसल, एसआईआर के मामले में विकासशील इंसान पार्टी के मुखिया मुकेश सहनी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर विवादित बयान देते हुए कहा कि, ‘हमको अगर एक खून माफ हो, देश का संविधान अगर इस चीज की इजाजत दे तो हम ज्ञानेश कुमार को गोली मार दें।
४८ घंटे के अंदर इस्तीफा दें ज्ञानेश कुमार…सीजेपी ने खोला मोर्चा, बड़े आंदोलन का अल्टीमेटम
चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर एक रिपोर्ट आई है। इसमें कहा गया है कि एसआईआर और चुनाव आयोग की कुछ प्रक्रियाओं पर दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले १० महीने में करीब १४ बार आपत्तियां दर्ज कराई हैं। इसे लेकर सीईसी ज्ञानेश कुमार विपक्ष के निशाने पर हैं। इसी कड़ी में सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) ने भी उन पर हमला बोला और ४८ घंटे के अंदर इस्तीफा देने समेत तीन मांगें रखी हैं।
सीजेपी ने गुरुवार को की गई प्रेस कॉन्प्रâेंस में सीईसी पर कई आरोप लगाए। सीजेपी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार भारत के सबसे बड़े देश-विरोधी हैं। वो देश के लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। हमारी तीन मांगें हैं, जिसमें पहली यह है कि ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त किया जाए। आने वाले सभी चुनावों पर रोक लगाई जाए और एसआईआर प्रक्रिया बंद की जाए।
‘ज्ञानेश कुमार को फांसी हो’…सांसद पप्पू यादव का बड़ा बयान
बिहार के पूर्णिया लोकसभा से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने एसआईआर विवाद पर सीईसी ज्ञानेश कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कानून के अंदर कोई किसी को गोली तो मार नहीं सकता है, इसलिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को फांसी की सजा होनी चाहिए। गरीब के साथ और उसके वोट के साथ ज्ञानेश कुमार ने अपराध किया है। वहीं, उन्होंने कहा कि मुकेश सहनी का गुस्सा स्वाभाविक है, इसलिए आप उनकी बातों पर मत जाएं, उनकी भावनाओं को देखें। गलत तरीके से चुनाव आयोग ने बिहार, बंगाल और असम की जनता को कमजोर किया है, इसलिए उसे फांसी होनी चाहिए।

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