मुख्यपृष्ठनए समाचारदामोदर टॉवर का ‘ओसी कांड’ गरमाया!..भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता फिर विवादों में

दामोदर टॉवर का ‘ओसी कांड’ गरमाया!..भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता फिर विवादों में

-१० प्रतिशत हिस्सेदारी और कमरे की कथित मांग का ऑडियो पुलिस के पास
सुरेश गोलानी / भायंदर
पीएम मोदी के दोस्त और एक महिला द्वारा जबरन जमीन हड़पने के आरोपों के बीच भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में आ गए हैं। भायंदर-पूर्व इलाके में एक नवनिर्मित पुनर्विकास इमारत ‘दामोदर टॉवर’ को ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट (भोगवटा प्रमाणपत्र–ओसी) देने के बदले बिल्डर से कथित तौर पर रिश्वत और हिस्सेदारी मांगने के आरोपों को लेकर यह पूरा विवाद खड़ा हुआ है। बिल्डर देवाराम मांडोरा का आरोप है कि मेहता ने बिल्डिंग को ओसी देने के एवज में प्रोजेक्ट में १० प्रतिशत हिस्सेदारी की मांग की। वहीं महापौर डिंपल मेहता के पति विनोद मेहता पर एक फ्लैट मांगने का आरोप है। इस कथित सौदेबाजी और जबरन वसूली की मांग से संबंधित मारवाड़ी भाषा में संभाषण वाली ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर जामकर वायरल हो रही है। हालांकि, मेहता ने अपनी सफाई में खुद को निर्दोष बताते हुए बिल्डर को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है।
मेहता ने रिश्वत के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया है कि असली गुनहगार बिल्डर है, जो पुरानी इमारत के मूल निवासियों (टेनेंट्स) को उनके नए घर देने से इनकार कर रहा है। मेहता के अनुसार, जब उन्हें यह पता चला कि गरीब टेनेंट्स के साथ नाइंसाफी हो रही है, तो उन्होंने खुद मनपा प्रशासन को निर्देश दिए थे कि जब तक सभी पुराने निवासियों को घर नहीं मिल जाते, तब तक इस इमारत को ओसी न दिया जाए। वहीं दूसरी तरफ शिंदे गुट के मंत्री प्रताप सरनाईक ने आक्रामक रुख अपनाते हुए पुलिस को ऑडियो क्लिप और शिकायत के आधार पर इस मामले की जांच करने और मेहता सहित अन्य दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस राजनीतिक घमासान के बीच मीरा-भायंदर महानगरपालिका के नगर रचना विभाग से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि कागजात सही पाए गए तो ७ दिनों के भीतर इमारत को ओसी दे दी जाएगी।

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