मुख्यपृष्ठनए समाचार३६ हजार पन्नों की चार्जशीट, बड़े नाम आरोपी नहीं, गवाह बने!

३६ हजार पन्नों की चार्जशीट, बड़े नाम आरोपी नहीं, गवाह बने!

 -राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में १३३ गवाह; चंपत राय, अनिल मिश्र और गोपाल राव के विरुद्ध अभियोजन की संस्तुति नहीं

सामना संवाददाता / अयोध्या

राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के बहुचर्चित प्रकरण में पुलिस ने विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण अदालत में ३६,०३९ पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी। जांच के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और निर्माण प्रभारी गोपाल राव को आरोपी नहीं बनाया गया है। आरोपपत्र में तीनों को गवाह के रूप में शामिल किया गया है।
५९ पृष्ठ का मुख्य आरोपपत्र
कई बक्सों और गत्तों में अदालत पहुंचाए गए दस्तावेजों में १३३ गवाहों के बयान, ५९ पृष्ठ का मुख्य आरोपपत्र तथा १०१ केस डायरी के पर्चे शामिल हैं। अदालत ने दस्तावेजों के मिलान और परीक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
तीनों प्रमुख पदाधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक अभियोजन की संस्तुति नहीं किए जाने पर अधिवक्ताओं के एक वर्ग ने पुलिस जांच पर सवाल उठाए। विशेष अदालत के बाहर नारेबाजी भी हुई। तनाव की आशंका के कारण कचहरी परिसर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था करते हुए पीएसी की दो ट्रक टुकड़ियां तैनात की गर्इं। चार्जशीट दाखिल करते समय विवेचक आशुतोष तिवारी के साथ एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
४२ संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी का पहरा
राम मंदिर परिसर के करीब ४२ संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। सीईओ के आवास के बाहर कैमरे लगाए जा चुके हैं, जबकि यात्री सुविधा केंद्र स्थित उनके कार्यालय में भी सीसीटीवी कनेक्शन बढ़ाने की योजना है।
आरोपियों को कटघरे तक पहुंचाने की लड़ाई जारी रहेगी
अयोध्या बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की पुलिस जांच पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि शपथपत्र और अधिवक्ताओं के बयान उपलब्ध होने के बावजूद कुछ प्रमुख लोगों की भूमिका की जांच नहीं की गई। संघ ने स्पष्ट किया कि वह पीछे नहीं हटेगा और जिन्हें मुख्य आरोपी मानता है, उनके विरुद्ध कानूनी लड़ाई जारी रखेगा। ये बार एसोसिएशन के आरोप हैं; संबंधित लोगों को अदालत ने दोषी नहीं ठहराया है।

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