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सरकारी अस्पताल में…बदइंतजामी पर भड़का आक्रोश!

– गोवंडी-शिवाजीनगर में मरीज परेशान
– २९ सितंबर को मनपा के खिलाफ आंदोलन

सगीर अंसारी / मुंबई
गोवंडी-शिवाजीनगर के गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए अब्दुल कलाम अस्पताल/शिवाजीनगर प्रसूतिगृह किसी जीवनरेखा से कम नहीं है, लेकिन अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और कथित अव्यवस्था ने मरीजों की परेशानी बढ़ा दी है। जरूरी जांच के लिए मरीजों को बाहर भेजे जाने, चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की कमी और गर्भवती महिलाओं को दूसरे अस्पतालों में रेफर किए जाने की शिकायतों के बीच अब प्रशासन के खिलाफ आंदोलन का एलान किया गया है।
स्थानीय युवा सामाजिक कार्यकर्ता याहिया शेख ने अस्पताल की समस्याओं को लेकर २९ सितंबर २०२६ को मनपा के एम-ईस्ट वार्ड कार्यालय के बाहर आंदोलन करने की घोषणा की है। उनका आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद मरीजों की मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
आंदोलन में अस्पताल में सोनोग्राफी, पैथोलॉजी और प्रयोगशाला जांच की सुविधा, २४ घंटे चिकित्सकीय सेवा तथा शाम के बाद पर्याप्त डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग उठाई जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी की नियमित मौजूदगी के साथ डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की कमी दूर करने की भी मांग है।
नवजात शिशुओं की गंभीर स्थिति को देखते हुए नवजात गहन चिकित्सा कक्ष में विशेषज्ञ डॉक्टरों और पर्याप्त कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग भी की गई है। गर्भवती महिलाओं को दूसरे अस्पताल भेजने से पहले आवश्यक जांच, रिपोर्ट और चिकित्सकीय दस्तावेज उपलब्ध कराने तथा मरीजों और परिजनों के साथ सम्मानजनक व्यवहार की मांग उठाई गई है। जन्म प्रमाणपत्रों के कथित अनियमित पंजीकरण का मुद्दा भी आंदोलन में शामिल है। याहिया शेख के मुताबिक, आंदोलन शांतिपूर्ण होगा और मनपा प्रशासन से लिखित जवाब तथा समयबद्ध कार्रवाई की मांग की जाएगी।
नवजातों पर भी संकट
नवजात गहन चिकित्सा कक्ष में विशेषज्ञ डॉक्टरों और पर्याप्त कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग की गई है। गर्भवती महिलाओं को रेफर करने से पहले सभी जरूरी जांच और रिपोर्ट उपलब्ध कराने की भी मांग है।

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