मुख्यपृष्ठनए समाचार२७५ सड़कें ठप, ३८० करोड़ रुपए अटके

२७५ सड़कें ठप, ३८० करोड़ रुपए अटके

-बीएमसी की निगरानी पर सवाल
मुंबई में गड्ढामुक्त सड़कों के दावों के बीच २७५ सड़कों का सीमेंटीकरण शुरू तक नहीं हुआ है। करीब ३८० करोड़ रुपए के लंबित काम को देखते हुए बीएमसी अब एनसीसी लिमिटेड और ईगल इंफ्रा इंडिया के ठेके रद्द करने की तैयारी में है। प्रस्ताव आयुक्त अश्विनी भिड़े की मंजूरी के लिए भेजा गया है।
फोर्ट, चर्चगेट, कुलाबा, नरीमन पॉइंट, भायखला, वरली और दादर से लेकर चेंबूर, घाटकोपर, मानखुर्द, मुलुंड तथा कांजुरमार्ग तक काम प्रभावित है। मार्च २०२७ की समयसीमा के बावजूद रफ्तार इतनी धीमी है कि लक्ष्य पूरा होना मुश्किल माना जा रहा है। बीएमसी ने ठेकेदारों से केवल खोदी गई सड़कों का काम पूरा करने और नया काम शुरू न करने को कहा है। बची सड़कों के लिए अगले वर्ष नया टेंडर निकलेगा।
सवाल है बार-बार चेतावनी के बावजूद कार्रवाई पहले क्यों नहीं हुई? नए टेंडर से देरी और बढ़ी तो जवाबदेह कौन होगा? ठेकेदारों ने औपचारिक सूचना न मिलने की बात कही है; एनसीसी ने सीमित कार्य-समय और मानसून को देरी का कारण बताया।
अब बड़े सवाल ये हैं
– धीमी रफ्तार का पता होने के बावजूद ठेके रद्द करने में इतनी देर क्यों हुई?
– क्या ठेकेदारों पर आर्थिक जुर्माना और प्रतिबंध लगाया जाएगा?
– नई निविदा की अतिरिक्त लागत कौन उठाएगा?
– मार्च २०२७ की समयसीमा टूटने पर जिम्मेदारी किस अधिकारी की होगी?
– नागरिक अपनी सड़क की प्रगति और खर्च कहां देखेंगे?
– क्या बीएमसी सड़कवार नई समयसीमा सार्वजनिक करेगी?

१७,७०० करोड़ रुपए की योजना,
फिर निगरानी क्यों फेल?
मुंबई की २,१७५ सड़कों के ७१२ किलोमीटर हिस्से को सीमेंट-कंक्रीट में बदलने के लिए बीएमसी ने १७,७०० करोड़ रुपए के ठेके दिए थे। परियोजना २०२३ में शुरू हुई, लेकिन तीन साल बाद पहली बार दो ठेकेदारों का काम वापस लेने की नौबत आई है। शहर क्षेत्र की ३३५ सड़कों में केवल १४६ पूरी हुर्इं, जबकि पूर्वी उपनगरों की ३६३ में से २११ सड़कों का काम पूरा बताया गया है। जिनकी गुणवत्ता भी घटिया की श्रेणी में आती है।

 

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