-एम्स अध्ययन में कार्डियक सारकॉइडोसिस के सूक्ष्म संकेत मिले;
गंभीर धड़कन और हृदयाघात का खतरा घटाने की उम्मीद
नई दिल्ली। दिल की मांसपेशियों में छिपी सूजन यानी कार्डियक सारकॉइडोसिस का अब शुरुआती चरण में पता लगाना संभव हो सकता है। एम्स नई दिल्ली के अध्ययन में उन्नत कार्डियक एमआरआई की टी-१ और टी-२ मैपिंग तकनीकों से हृदय की मांसपेशियों में होने वाले सूक्ष्म बदलावों की पहचान के उत्साहजनक संकेत मिले हैं।
कार्डियक सारकॉइडोसिस में शरीर की सूजन संबंधी बीमारी सारकॉइडोसिस दिल को प्रभावित करती है। शुरुआती अवस्था में मरीज को कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिख सकता, लेकिन बीमारी बढ़ने पर अनियमित धड़कन, हार्ट ब्लॉक, हृदय की पंपिंग कमजोर होने और अचानक मृत्यु तक का खतरा पैदा हो सकता है।
सामान्य जांच अथवा पारंपरिक इकोकार्डियोग्राफी में कई बार शुरुआती बदलाव पकड़ में नहीं आते। उन्नत कार्डियक एमआरआई दिल के ऊतकों में सूजन और दाग जैसे बदलावों की विस्तृत तस्वीर दे सकती है। इससे डॉक्टरों को समय रहते आगे की जांच और उपचार का निर्णय लेने में सहायता मिल सकती है।
हालांकि, यह जांच प्रत्येक हृदय रोगी के लिए नियमित स्क्रीनिंग नहीं है। इसका उपयोग मुख्यतः सारकॉइडोसिस या संदिग्ध हृदय-संलिप्तता वाले चुनिंदा मरीजों में किया जाता है। अध्ययन के निष्कर्ष आशाजनक हैं, लेकिन व्यापक उपयोग से पहले बड़े समूहों पर और शोध आवश्यक है।
