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तीन नवजातों की मौत से पहले बजता रहा अलार्म… सीसीटीवी ने खोली अस्पताल की पोल!

 -तीन बार चेतावनी, चमकती रहीं लाल बत्तियां; सवाल
– समय रहते क्यों नहीं जागा अस्पताल प्रशासन?

अमरावती। जिला महिला अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष में २४ अगस्त को लगी आग का नया सीसीटीवी फुटेज अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। फुटेज में आग भड़कने से पहले कथित तौर पर तीन बार चेतावनी अलार्म बजते और लाल बत्तियां चमकती दिखाई देती हैं। इसके बावजूद तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हुई, अब जांच का केंद्रीय सवाल बन गया है।
तड़के करीब तीन बजे वेंटिलेटर अथवा तापीय उपकरण में तकनीकी खराबी के बाद आग फैली थी। प्रभावित कक्ष में नौ सहित पूरे विभाग में ३९ नवजात भर्ती थे। तीन समयपूर्व जन्मे बच्चों की मौत हो गई, जबकि ३६ बच्चों को बचा लिया गया। आग पर करीब ३० मिनट में नियंत्रण पाया गया था।
हादसे के बाद परिवारों ने आरोप लगाया था कि अग्नि चेतावनी और पानी छिड़काव प्रणाली काम नहीं कर रही थी। बाद की उच्चस्तरीय जांच में वेंटिलेटर के रखरखाव, अग्नि सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था में गंभीर कमियां सामने आर्इं। स्वास्थ्य उपसंचालक, अस्पताल अधीक्षक सहित कई अधिकारियों के निलंबन के आदेश दिए गए। नया फुटेज अब यह तय करने में अहम होगा कि पहली चेतावनी और बचाव कार्रवाई के बीच कितनी देर हुई तथा उस समय ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी कहां थे।
`१.२० लाख में बच्चा बेचा, तीन बार हुआ ‘सौदा’
छत्रपति संभाजीनगर में माता-पिता पर अपने करीब दो माह के बेटे को `१.२० लाख में बेचने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक बिचौलियों ने बच्चे को पहले `२.७० लाख और फिर तेलंगाना के एक डॉक्टर को `३.५० लाख में बेच दिया। बच्चा अंततः हैदराबाद से सुरक्षित बरामद किया गया। माता-पिता और एक डॉक्टर सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि दंपति ने रकम से मोबाइल फोन और आभूषण खरीदे। पुलिस ने सामान जब्त कर बच्चे को बाल कल्याण समिति के माध्यम से संरक्षण गृह को सौंप दिया है। जांच अब यह पता लगा रही है कि गिरोह ने पहले भी ऐसे सौदे किए थे या नहीं।

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