-९०० करोड़ के सौदे के लिए ४६ लोगों को नोटिस
– शिवसेना ने उठाया मुद्दा, मचा हड़कंप
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में जमीनों के कथित अवैध कारोबार को लेकर पहले से सवालों के घेरे में चल रही महायुति सरकार के सामने अब रत्नागिरी में वक्फ जमीन का बड़ा मामला सामने आया है। दापोली में पंजीकृत ‘काझी रहमान काझी ईसा’ वक्फ संस्था की करीब ६२१ गुंठे जमीन की कथित खरीद-फरोख्त और हस्तांतरण को लेकर शिवसेना ने सवाल उठाए हैं। शिवसेना विधायक भास्कर जाधव ने इस सौदे की अनुमानित कीमत ९०० करोड़ रुपए बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। विवाद बढ़ने के बाद महाराष्ट्र राज्य वक्फ मंडल ने मामले से जुड़े ४६ लोगों को नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा है।
आरोप है कि दापोली शहर के भूमापन क्रमांक १३ के विभिन्न उपविभागों में आने वाली वक्फ जमीन का मंडल की पूर्व अनुमति के बिना लेन-देन किया गया। जाधव ने मामले की गहन जांच की मांग करते हुए कहा कि इतनी बड़ी जमीन के कथित हस्तांतरण के पीछे किसका संरक्षण था, इसकी पड़ताल जरूरी है। उन्होंने बिल्डर और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की मांग की।
