सामना संवाददाता / ठाणे
शिवसेना के विभागप्रमुख प्रदीप उर्फ बालू पूर्णेकर की हत्या के बाद ठाणे में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। पूर्णेकर के परिवार ने शिंदे गुट की पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे और उनके पति राजेंद्र शिंदे पर हत्या की कथित साजिश रचने और सुपारी देने का गंभीर आरोप लगाया है। परिवार का दावा है कि करीब डेढ़ वर्ष पहले दोनों की ओर से पूर्णेकर को फोन पर जान से मारने की धमकी दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपी को गिरफ्तार किया है।
पूर्णेकर की हत्या के बाद गुस्साए परिजनों और समर्थकों ने शव को कापूरबावड़ी पुलिस थाने के बाहर रखकर धरना दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने की बात सामने आई है। आज क्षेत्र में दुकानें, कंपनियां, स्कूल, कॉलेज और अन्य संस्थान बंद रखने की अपील की गई है। साथ ही क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन भी शुरू हो गया है। परिवार के मुताबिक, मनपा चुनाव के बाद से ही पूर्णेकर को रास्ते से हटाने की कथित साजिश चल रही थी। उनके पुत्र राम पूर्णेकर ने दावा किया कि हत्या से पहले संदिग्ध लोगों की गतिविधियां दिखाई दी थीं और राजेंद्र शिंदे की कुछ लोगों के साथ बैठक होने की जानकारी भी सामने आई थी। पुलिस ने इस हत्याकांड में पप्या शिंदे और आकाश निमसे को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पप्या शिंदे के साथ-साथ संतोष कनौजिया उर्फ टल्ली, निखिल यादव, नितेश पवार और एक अन्य आरोपी की पहचान हुई है। पूर्णेकर के भाई का कहना है कि उनके भाई पर ७ गोलियां दागी गर्इं हैं। पप्या शिंदे पूर्णेकर का मित्र था। मनपा चुनाव के दौरान दोनों में दूरियां बन गई थीं। इसके बाद वह करीब १५ दिन पहले फिर पूर्णेकर से मिलने लगा और तभी से हमला करने की साजिश रचने लगा। पुलिस के दावे के अनुसार, मंगलवार को कार्यालय में अकेले बैठे पूर्णेकर को देखकर पप्या ने मौके का फायदा उठाया और अपने साथियों को बुलाकर उन पर हमला कर दिया।
राज्य में कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ गईं -आदित्य ठाकरे
शिवसेना नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने शिवसेना विभागप्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की हत्या को लेकर क्षोभ व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ चुकी हैं। आम आदमी का जीना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने गुस्सा व्यक्त करते हुए कहा, `हमारे दल के ठाणे विभाग प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की कल रात हत्या कर दी गई। यह घटना बेहद आक्रोशजनक और घिनौनी है।’
