तो परिणाम होंगे
बेहद गंभीर!
-सुप्रीम कोर्ट का शिंदे गुट को संकेत
-गद्दारों की अयोग्यता पर १३ अक्टूबर को सुनवाई
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
शिवसेना पार्टी और धनुष-बाण चिह्न के मामले में केंद्रीय चुनाव आयोग के पैâसले का बचाव करने की कोशिश कर रहे शिंदे गुट को सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को गंभीर परिणामों की चेतावनी दी। न्यायालय ने स्पष्ट संकेत दिया कि यदि अलग होने वाले विधायक विधानसभा से अयोग्य ठहराए जाते हैं, तो इसके परिणाम बेहद गंभीर और व्यापक हो सकते हैं। इसी के साथ न्यायालय ने शिंदे गुट के विधायकों की अयोग्यता के मुद्दे पर १३ अक्टूबर को सुनवाई करने का फैसला किया।
शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने पक्षचिह्न को लेकर केंद्रीय चुनाव आयोग के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है। इस मामले की अंतिम सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के समक्ष चल रही है। गुरुवार को शिंदे गुट की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नीरज कौल ने अपना पक्ष पूरा किया। कौल ने दावा किया कि चुनाव आयोग ने विधान में बहुमत को ध्यान में रखते हुए अपना पैâसला सुनाया था। इसी दौरान न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने शिंदे गुट को परिणामों के प्रति संकेत देते हुए कहा कि यदि विधायक विधानमंडल से अयोग्य ठहराए जाते हैं, तो उसके अत्यंत गंभीर और व्यापक परिणाम होंगे। इसके बाद न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई १३ अक्टूबर तक स्थगित कर दी।
उस दिन गद्दार विधायकों की अयोग्यता के मुद्दे पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने गद्दार विधायकों को अयोग्य ठहराने के बजाय योग्य घोषित करने का पैâसला सुनाया था। इस पैâसले को शिवसेना के मुख्य सचेतक और विधायक सुनील प्रभु ने अलग याचिका के माध्यम से सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है। इस याचिका पर अगले सप्ताह होने वाली सुनवाई गद्दार विधायकों की अयोग्यता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कपिल सिब्बल दो और सत्रों में रखेंगे पक्ष
शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे की ओर से वरिष्ठ विधिवेत्ता कपिल सिब्बल ने अपने अगले तर्क रखने के लिए न्यायालय से दो और सत्रों का समय मांगा। उन्होंने कहा कि कानून से जुड़े कुछ भ्रम दूर करने के लिए विस्तृत रूप से अपनी बात रखने के लिए अतिरिक्त समय आवश्यक है। न्यायालय ने उनकी दलील सुनने के लिए सहमति जताई। वहीं, गद्दार विधायकों की अयोग्यता के मुद्दे पर शिंदे गुट की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ध्रुव मेहता अपना पक्ष रखेंगे।
