-पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र भाजपा के खाते में जाने से महायुति के भीतर सीट बंटवारे पर मतभेद खुलकर सामने आए हैं। प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि पांच जिलों में अजीत पवार गुट के कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित हुआ है।
सामना संवाददाता / मुंबई
पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीट भाजपा को देने के पैâसले पर अजीतगुट में नाराजगी बढ़ रही है। पार्टी के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि पुणे, सातारा, सांगली, सोलापुर और कोल्हापुर, इन पांच जिलों के कार्यकर्ता इस पैâसले से निराश हैं। यह सीट पिछली बार के अरुण लाड ने पार्टी के चुनाव चिह्न पर जीती थी।
पटेल ने कहा कि पैâसला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और दोनों उपमुख्यमंत्रियों एकनाथ शिंदे तथा सुनेत्रा पवार की बैठक में हुआ है। अब महायुति के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा जाएगा। हालांकि, उनके बयान से यह सवाल भी उठा कि जब भाजपा ने पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अपना उम्मीदवार घोषित किया, तब शिंदे गुट ने वहां अपना प्रत्याशी क्यों उतारा, क्या अजीत पवार गुट भी ऐसा कर सकता था? इससे एक दिन पहले अजीत पवार गुट के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने पुणे सीट न बचा पाने को पार्टी नेतृत्व की ‘सामूहिक विफलता’ बताया था। भाजपा ने पुणे स्नातक सीट से डॉ. स्मिता जाधव को उम्मीदवार बनाया है। विधान परिषद की इन सीटों पर मतदान २३ अक्टूबर को होना है। सीट बंटवारे पर सहयोगी दलों की यह नाराजगी महायुति के भीतर तालमेल की परीक्षा बन सकती है।
