-२३ साल से करदाताओं के ८४ लाख रुपए दबाए बैठे हैं ८४ अधिकारी!
सुरेश गोलानी / भायंदर
मीरा-भायंदर महानगरपालिका में जनता के टैक्स के पैसों के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मनपा के ८४ वर्तमान और पूर्व अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने विभिन्न विभागीय कार्यों के लिए कुल ८४ लाख ८६ हजार ७७९ रुपए की अग्रिम (इम्प्रेस्ट एडवांस) राशि ली थी, जो कथित तौर पर वर्ष १९९३ से अब तक बकाया है। इस गंभीर लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘हिंदू टास्क फोर्स’ के संस्थापक एडवोकेट खुश खंडेलवाल ने राज्य सरकार और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है।
सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी से पता चला है कि कई अधिकारियों ने काम पूरा होने या न होने के बावजूद यह राशि मनपा के खजाने में वापस जमा नहीं की। इनमें से कई अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं या उनका प्रमोशन हो चुका है, लेकिन प्रशासन ने अब तक इस राशि की वसूली के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
एसीबी में शिकायत,
फौजदारी कार्रवाई की मांग
सार्वजनिक धन के कथित गबन और सरकारी पैसे को रोककर रखने के मामले में खंडेलवाल ने राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और पुलिस अधीक्षक (ठाणे) को भी शिकायत सौंपी है। उन्होंने जनता की गाढ़ी कमाई के पैसों के कथित दुरुपयोग के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ फौजदारी मामला दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई शुरू करने की मांग की है। शहर के विकास के लिए नागरिकों से वसूले गए टैक्स की राशि का इस तरह वर्षों तक बकाया रहना गंभीर सवाल खड़े करता है। शिकायत के बाद अब इस मामले में मनपा प्रशासन की जवाबदेही और बकाया राशि की वसूली को लेकर निगाहें टिकी हैं।
१८ प्रतिशत ब्याज के साथ वसूली हो
खंडेलवाल ने नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखकर मांग की है कि मामले की जांच कर इन सभी ८४ अधिकारियों और कर्मचारियों से बकाया राशि १८ प्रतिशत ब्याज के साथ तुरंत वसूल की जाए। उन्होंने वेतन या पेंशन से राशि की वसूली करने की भी मांग की है।
