– ज्वाइंट सीपी मधुर वर्मा ने पुलिसकर्मियों से अनुशासन, गरिमा और कम से कम बल के साथ भीड़ संभालने की अपील की
– जंतर-मंतर पर १० अक्टूबर के प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस ने नहीं दी अनुमति
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (सेंट्रल रेंज) मधुर वर्मा ने शुक्रवार को पुलिसकर्मियों से संयम बरतने और शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने `एक्स’ पर लिखा, ‘तूफान के लिए तैयार रहें। संयम बरतें। शांति की रक्षा करें।’ वर्मा ने कहा कि पुलिस की असली ताकत सिर्फ भीड़ को नियंत्रित करना नहीं, बल्कि अनुशासन, गरिमा और कम से कम बल का इस्तेमाल करते हुए हालात संभालना है।
सीजेपी ने १० अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का एलान किया है। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर प्रक्रिया पर जवाबदेही की मांग कर रही है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया है। पुलिस के मुताबिक, आवेदन ७ अक्टूबर को मिला, जबकि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कम-से-कम १० दिन पहले सूचना देनी होती है। नई दिल्ली इलाके में बीएनएसएस की धारा १६३ भी लागू है। गृह मंत्रालय ने ८ से १२ अक्टूबर के बीच तैनाती के लिए करीब २३ हजार केंद्रीय बलों के जवान उपलब्ध कराए हैं। पुलिस की संयम की अपील और भारी सुरक्षा इंतजामों के बीच अब नजर इस पर है कि प्रदर्शनकारी क्या कदम उठाते हैं और प्रशासन भीड़ तथा नागरिकों के अधिकारों के बीच संतुलन वैâसे रखता है।
लोकतांत्रिक विरोध और कानून-व्यवस्था पर नजर
सीजेपी के प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाए जाने के बीच लोकतांत्रिक विरोध और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन का सवाल अहम हो गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और एसआईआर प्रक्रिया पर जवाबदेही की मांग को लेकर पार्टी ने आंदोलन का एलान किया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से संभालने के लिए क्या कदम उठाता है।
धारा १६३ के बीच प्रदर्शन की चुनौती
नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा १६३ लागू होने के बीच सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है। वहीं, प्रदर्शन के जरिए अपनी मांगें उठाने की कोशिश करने वाले राजनीतिक दलों के कदम पर भी सबकी नजर रहेगी।
