-विमान में कार्रवाई से लेकर गुप्त हिरासत तक, दीपके ने दागे तीखे सवाल
सामना संवाददाता / मुंबई
सरकार के खिलाफ आवाज उठाना क्या गुनाह है? विरोध प्रदर्शन करना क्या आतंकवाद है? कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए ये सवाल खड़े किए हैं। दीपके का आरोप है कि १० अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान उन्हें विमान के भीतर से गिरफ्तार किया गया और उसके बाद उन्हें तथा उनके साथियों को २४ घंटे तक अज्ञात स्थान पर रखा गया। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान उनके फोन छीन लिए गए और किसी से संपर्क नहीं करने दिया गया। यहां तक कि उनके वकीलों को भी उनके ठिकाने की जानकारी नहीं थी।
दीपके ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि उन्हें कथित तौर पर बिना उचित जानकारी दिए हिरासत में रखा गया और मानसिक रूप से परेशान किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उन्हें विमान से गिरफ्तार करने की जरूरत क्यों पड़ी? क्या वे कोई आतंकवादी या गुंडे हैं? सरकार के खिलाफ बोलने वालों के साथ ऐसा बर्ताव क्यों किया जा रहा है? दीपके ने सीजेपी के नेताओं आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे को जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने के बाद हिरासत में लिए जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के विरोध में आवाज उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है।
