-सुल्तानपुर में बगैर अनुमति प्रदर्शन व समर्थकों के द्वारा तोड़फोड़-अराजकता पर सुल्तानपुरवासियों का जबरदस्त विरोध
विक्रम सिंह / सुल्तानपुर
एक जानलेवा हमले में आरोपी यूट्यूबर व सिंगर संजय यदुवंशी का पुलिस पर दबाव बनाने के लिए बगैर अनुमति सभा प्रदर्शन करके उपद्रव व तोड़फोड़ को लेकर सुल्तानपुर शहर में जबरदस्त आक्रोश सामने आया है। प्रकरण को संज्ञान लेते हुए सुल्तानपुर पुलिस ने २४ घंटे के भीतर यूट्यूबर व प्रदर्शन में शामिल उनके करीब ढाई सौ समर्थकों पर ताबड़तोड़ चार केस दर्ज किए हैं। वहीं आरोपी यूट्यूबर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तोड़फोड़ के आरोप को स्वीकार करते हुए स्वामी विवेकानंद पार्क की मरम्मत कराने की बात कही है।
बता दें कि यूट्यूबर व सिंगर संजय यदुवंशी सुल्तानपुर शहर के पड़ोस में स्थित उघड़पुर गांव के निवासी हैं और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोकगायक के रूप में सक्रिय रहते हैं। अक्सर गानों के आपत्तिजनक बोल को लेकर भी उनपर पूर्व में केस दर्ज हो चुके हैं। फिलहाल जानलेवा हमले के एक प्रकरण में वे वांछित होने के कारण पुलिस ने उनके घर पर छापा डाला था। इसी छापे को लेकर यदुवंशी पुलिस पर हमलावर हैं। उनका आरोप है कि उनकी मां से पुलिस ने अभद्रता की व गालियां दीं।इसी को लेकर उन्होंने बगैर अनुमति सुल्तानपुर के तिकोनिया पार्क में सैकड़ों समर्थकों के साथ प्रदर्शन करके तोड़फोड़ की। स्वामी विवेकानंद प्रतिमास्थल पर स्वयं चढ़ गए। हिन्दू धार्मिक चिह्नों को तोड़ डाला गया। गेट व बाउंड्री तक तोड़ दी गई। राजीव गांधी की प्रतिमा स्थली पर भी अमर्यादित आचरण किया गया। इसे लेकर सबसे पहले विवेकानंद जी की प्रतिमास्थल की देखरेख करने वाली संस्था भारत विकास परिषद ने एफआईआर कराई। इसके बाद पालिकाध्यक्ष प्रवीन अग्रवाल ने अपने पार्क प्रभारी सुशील श्रीवास्तव की तहरीर पर नगर पुलिस के समक्ष केस दर्ज कराया। कोतवाली के दरोगा एसके सिंह ने अवैध पूर्ण ढंग से सभा करके रोड जाम व उपद्रव पर केस दर्ज कराया। पालिक सभासद सुभाष सोनकर ने एससी एसटी एक्ट के तहत बाबा साहब अंबेडकर के चित्र के साथ अपमानपूर्ण व्यवहार पर यूट्यूबर के खिलाफ केस दर्ज कराया है। पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से संजय यदुवंशी पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है।
