-`१७,०३६ करोड़ की मंजूरी के बाद भी निर्माण का इंतजार
संदीप पांडेय / मुंबई
घोड़बंदर रोड के जाम से राहत दिलाने के लिए प्रस्तावित गायमुख-फाउंटेन होटल सुरंग और फाउंटेन होटल-भायंदर एलिवेटेड कॉरिडोर की रफ्तार फिलहाल कागजों पर ही दिखाई दे रही है। एमएमआरडीए ने २०२४ में गायमुख से फाउंटेन होटल तक करीब ५ किलोमीटर लंबी जुड़वां सुरंग और फाउंटेन होटल से भायंदर तक करीब ९.८ किमी लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए निविदा निकाली थी। निविदा प्रक्रिया में भू-तकनीकी जांच से जुड़े आंकड़ों और जांच के लिए उपलब्ध समय को लेकर एक संभावित बोलीदाता ने बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया। इसके बाद निविदा जमा करने की समयसीमा बढ़ाकर दिसंबर २०२४ की गई।
इसके बाद तकनीकी पात्रता को लेकर विवाद अदालत तक पहुंचा और मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया। अंतत: एमएमआरडीए ने पुरानी निविदा प्रक्रिया रद्द कर नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया यानी जिस परियोजना का ठेका २०२४ में तय होने की उम्मीद थी, वह अगले साल फिर शुरुआत की स्थिति में पहुंच गई। जून २०२६ में राज्य सरकार ने पूरी परियोजना को १७,०३६ करोड़ रुपए की संशोधित लागत से मंजूरी दी है। इसमें ५.८६ किलोमीटर की जुड़वां सुरंग और ९.५८ किमी का एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल है। परियोजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत निर्माण-संचालन-हस्तांतरण मॉडल पर बनाने की योजना है और निर्माण के लिए करीब पांच साल का लक्ष्य रखा गया है।
मंजूरी के बावजूद प्रोजेक्ट में देरी
लेकिन नई मंजूरी के महीनों बाद भी परियोजना जैसे लापता है। घोड़बंदर के हजारों वाहन रोज जाम में फंस रहे हैं, जबकि जाम कम करने वाला १७ हजार करोड़ रुपए का कॉरिडोर अभी निविदा और प्रक्रिया के दौर से बाहर नहीं निकल पाया है। २०२४ से अब तक परियोजना ने निविदा, अदालत, रद्दीकरण और मॉडल बदलने का लंबा चक्कर पूरा कर लिया, लेकिन निर्माण की शुरुआत अब भी बाकी है।
