सरकार को सोनम का अल्टीमेटम; चेतावनी से गरमाई सियासत
दिल्ली में हिरासत के खिलाफ आंदोलन तेज करने के संकेत
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद सोनम वांगचुक ने सरकार से उन्हें रिहा करने की अपील की। वांगचुक ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि हिरासत में लिए गए लोगों को जल्द छोड़कर मामला खत्म किया जाएगा। लेकिन अगले २४ घंटे में ऐसा नहीं हुआ तो वे खुद आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे। उन्होंने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन के साथ अनशन और पदयात्रा के विकल्प भी गिनाए। वांगचुक ने मौजूदा हालात को ‘अघोषित आपातकाल’ बताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान होना चाहिए।
सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दिल्ली में प्रदर्शन का आह्वान किया था। शनिवार को दिल्ली में प्रदर्शन स्थल के आसपास सुरक्षा कड़ी की गई और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की खबरें आर्इं। वांगचुक की चेतावनी के बाद अब सरकार की प्रतिक्रिया और हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई पर नजर रहेगी।
`दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में अघोषित इमरजेंसी’
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी करते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले ही उन्होंने प्रदर्शन को लेकर एकजुटता और शांति बनाए रखने की अपील की थी। उस वक्त उन्होंने सोचा भी नहीं था कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में ऐसी स्थिति बन जाएगी, जिसे वह अघोषित आपातकाल मान रहे हैं। अघोषित आपातकाल का मतलब ऐसे हालात से है, जिसमें आपातकाल का एलान नहीं हुआ हो, लेकिन लोगों को लगे कि हालात वैसे ही हैं।
आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए कई नेताओं की मौजूदगी से वह आश्वस्त थे, लेकिन अब उन्हें पता चला है कि उन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। वांगचुक ने उम्मीद जताई कि हिरासत में लिए गए नेताओं को जल्द रिहा किया जाएगा।
सोनम वांगचुक ने हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को छोड़ने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगले २४ घंटे में रिहाई नहीं हुई तो वे शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन, अनशन या पदयात्रा शुरू करने पर विचार करेंगे।
