मुख्यपृष्ठनए समाचारयाद रखो, तानाशाही का परिणाम भुगतना पड़ेगा!.. शिवसेना ने सरकार को चेताया

याद रखो, तानाशाही का परिणाम भुगतना पड़ेगा!.. शिवसेना ने सरकार को चेताया

-अंबादास दानवे का भाजपा सरकार पर जोरदार हमला

सामना संवाददाता / मुंबई

लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाना भी अब गुनाह बन गया है क्या? विरोध करने वालों को आखिर सरकार इतना क्यों डरा रही है? एसआईआर आंदोलनकारियों को विमान में ही हिरासत में लिए जाने के मामले पर शिवसेना के नेता अंबादास दानवे ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने चेतावनी दी कि सत्ता के बल पर जनता की आवाज दबाने की कोशिश करने वालों को एक दिन इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।
सीजेपी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसी सिलसिले में दिल्ली पहुंचे संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके और अन्य पदाधिकारियों को पुलिस ने विमान में ही हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। दानवे ने सवाल उठाया कि विरोध की आवाज को दबाने के लिए पुलिस कार्रवाई का सहारा क्यों लिया जा रहा है? क्या देश की राजधानी में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करना भी अपराध बन गया है? उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज को दबाया नहीं जाना चाहिए।
विरोध की आवाज दबेगी नहीं!
दानवे ने पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर सरकार को घेरा। उनका कहना है कि आंदोलनकारियों को हिरासत में लेने से उनके सवाल खत्म नहीं हो जाते। सरकार को आरोपों और मांगों का जवाब देना चाहिए, न कि विरोध करने वालों को रोकने की कोशिश करनी चाहिए।

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