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मोदी जी तुमसे ना हो पाएगा!

सामना संवाददाता / नई दिल्ली

५६ इंच के विश्व गुरु ने ५७ मेट्रो स्टेशन कराए बंद, २५४ ट्रेनें करवार्इं बंद, सड़क, हवाई मार्ग सब पर लगवाई पाबंदियां; २५,००० से ज्यादा पुलिस, अर्ध सैनिक बल तैनात कर दिल्ली को बनाया किला; हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं की झोंकी फौज; फिर भी प्रदर्शन होकर रहा! दिल्ली में, देश के कोने कोने में! `मोदी जी तुमसे ना हो पाएगा! छोड़ दो संगत शाह की! इस्तीफा ले लो ज्ञानेश कुमार गुप्ता का! इसी में सबकी भलाई है। आपकी भी।’ सोशल मीडिया पर कल दिनभर चल रहे मैसेज और सड़कों पर उतरे सैलाब का यही संदेश था। देखते हैं मोदी जी इस बार भी मानते हैं या जिद में अपने जी का जंजाल करवाते हैं। जंतर-मंतर तक लोग न पहुंचें, इसके लिए दिल्ली में ऐसा पहरा बैठाया गया कि आम आदमी की आवाजाही भी थम गई। ५७ मेट्रो स्टेशनों पर रोक लगाने का प्रस्ताव आया, बाद में ४५ स्टेशनों के प्रवेश-निकास बंद किए गए। १० अक्टूबर को २५४ लोकल और लंबी दूरी की ट्रेनें रद्द हुईं।
दिल्ली में करीब २५ हजार पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए। सड़कों पर बैरिकेड, चप्पे-चप्पे पर पहरा, राजधानी को मानो किले में बदल दिया गया। सभी विपक्षी पार्टियों के प्रमुख कार्यकर्ताओं, तीन-तीन पूर्व मुख्यमंत्री सभी को जंतर-मंतर पहुंचने से पहले ही हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया, नजरबंद कर दिया गया। सीजेपी के नेताओं को विमान से उतरते ही रोक लिया गया। लेकिन इतना सब करने के बाद भी प्रदर्शन की आवाज दब नहीं पाई। दिल्ली में जगह-जगह जमकर विरोध हुआ और देश के दूसरे हिस्सों से भी जोरदार प्रदर्शन की खबरें आती रहीं। लोगों का सवाल साफ था, अगर चुनाव आयोग निष्पक्ष है, तो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से सरकार इतनी घबराई क्यों? इतनी ताकत, इतना पहरा, इतनी पाबंदियां और फिर भी विरोध सड़कों पर! अब देखना है, मोदी जी जन की बात सुनते हैं या अपने ही मन की बात लादते रहते हैं।

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