सामना संवाददाता / नई दिल्ली
दिल्ली में हिरासत के बाद अभिजीत दीपके के तेवर बरकरार हैं। उनके वीडियो को भारत में ब्लॉक किए जाने का दावा सामने आया है। विरोध की आवाज दबाने की कोशिशों के बीच दीपके का यह संदेश सियासी हलकों में हलचल मचा सकता है। सवाल है कि क्या अब डिजिटल मंचों पर भी असहमति की आवाज पर पहरा लगेगा?
जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा था कि उन्हें गिरफ्तार किया जाए, हिरासत में लिया जाए या उन पर यूएपीए अथवा एनएसए लगाया जाए, वे चुनावी प्रक्रिया और लोकतंत्र के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। अब ‘द लाइव टीवी’ के फेसबुक पेज पर प्रसारित उनर्की यह बयान भारत में ब्लॉक किए जाने का दावा किया गया है। सीजेपी का कहना है कि प्रदर्शन से पहले उसके नेताओं और समर्थकों से जुड़ी सोशल मीडिया सामग्री पर रोक लगाई जा रही है। हालांकि, इस खास वीडियो को किस आदेश के तहत रोका गया, आदेश किसने जारी किया और फेसबुक को क्या निर्देश मिले, इन बातों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
सीजेपी का कहना है कि प्रदर्शन से पहले उसके नेताओं और समर्थकों से जुड़ी सोशल मीडिया सामग्री पर रोक लगाई जा रही है।
