-१.५ लाख रुपए का वसूला गया जुर्माना
सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य सरकार ने भले ही अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी में अहम भूमिका निभाने वाली ई-बाइक टैक्सियों पर कोई नीति तय नहीं की है, फिर भी मुंबई में बाइक टैक्सियां धड़ल्ले से चल रही हैं। ऐसे में परिवहन विभाग ने अनधिकृत यात्रियों को ले जा रही ५७ बाइक टैक्सियों के खिलाफ कार्रवाई की है। दोषी चालकों से १.५ लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया है। परिवहन विभाग ने बताया कि रैपिडो, ओला, उबर जैसी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
बता दें कि राज्य सरकार ने सभी कंपनियों की एक बैठक बुलाकर उन्हें सेवा लाइसेंस मिलने तक यात्री परिवहन बंद करने का निर्देश दिया था। संबंधित एग्रीगेटर कंपनियों ने इस संबंध में एक हलफनामा भी पेश किया था। इसके बाद भी शहर की कई सड़कों पर बाइक टैक्सियां चल रही हैं। गत शुक्रवार को शहर में अनधिकृत बाइक टैक्सियों के खिलाफ विशेष कार्रवाई अभियान चलाया गया। इस अभियान में विभिन्न कंपनियों की कुल ५७ बाइक टैक्सियों पर कार्रवाई की गई और १.५ लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया।
बता दें कि शहर में केवल ई-बाइक टैक्सियों को ही अनुमति है। सभी नियमों और शर्तों का पालन करते हुए सरकारी लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही कंपनियां ई-बाइक टैक्सियों का संचालन कर सकेंगी। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने परिवहन विभाग को आदेश दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी वाहन मालिकों और एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखें। सरकार के आदेशों का लगातार उल्लंघन करने वाली कंपनियों के लाइसेंस स्थाई रूप से रद्द करें।
रिक्शा चालकों का रोजगार खतरे में
राज्य सरकार ने बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के नाम पर ई-बाइक टैक्सियों को अनुमति देने का पैâसला किया है। ई-बाइक टैक्सियों को लाने या न लाने का फैसला करने के लिए राज्य सरकार द्वारा नियुक्त समिति के समक्ष रिक्शा संघ ने ई-बाइक टैक्सियों का विरोध किया है। रिक्शा संघ का कहना है कि अगर ई-बाइक टैक्सी/बाइक पूलिंग शुरू की गई तो राज्य के १५ लाख रिक्शा चालकों का रोजगार खतरे में पड़ जाएगा। संगठनों का कहना है कि इसी वजह से रिक्शा चालकों का ई-बाइक टैक्सियों का विरोध जारी है।
