मुख्यपृष्ठनए समाचारआदित्य ठाकरे का आश्वासन ...आदिवासी विद्यार्थियों को शिवसेना का समर्थन!

आदित्य ठाकरे का आश्वासन …आदिवासी विद्यार्थियों को शिवसेना का समर्थन!

निर्दयी सरकार को कोई
फर्क नहीं पड़ता, अनशन छोड़ें
सामना संवाददाता / नाशिक
मन और हृदय से विहीन निर्दयी सरकार को अनशन से कोई फर्क नहीं पड़ता। आपके जीवन पर पड़ रहे संकट और आपकी तकलीफें सत्ताधारियों को दिखाई नहीं दे रही हैं। इसलिए अनशन छोड़कर सरकार को हिलाने वाला राज्यव्यापी आंदोलन खड़ा करें, ऐसा आह्वान शिवसेना नेता, युवासेना प्रमुख और विधायक आदित्य ठाकरे ने आदिवासी विद्यार्थियों से किया। शिवसेना पूरी ताकत के साथ आपके साथ खड़ी है। महाविकास आघाड़ी के घटक दलों से भी समर्थन के लिए चर्चा की जाएगी, ऐसी गारंटी उन्होंने दी।
राज्य की आश्रमशालाओं में पिछले दो वर्षों के दौरान सर्पदंश, विषबाधा सहित विभिन्न कारणों से करीब ५८४ विद्यार्थियों की मौत हुई है। भ्रष्टाचार और अव्यवस्थित प्रशासन के कारण विद्यार्थियों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।
आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा दें, सहित अन्य मांगों को लेकर नाशिक में १८ अगस्त से राहुल पावरा, विवेक गावित और लक्ष्मी जाधव ने आमरण अनशन शुरू किया है। राज्यभर से इस आंदोलन को समर्थन मिल रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर अपना समर्थन दिया है। अनशनकर्ताओं की तबीयत बिगड़ने के बावजूद सरकार ध्यान देने को तैयार नहीं है। शिवसेना नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने गुरुवार को आंदोलन स्थल पर पहुंचकर अनशनकर्ताओं से मुलाकात की। उन्होंने सभी मांगों और समस्याओं की विस्तृत जानकारी ली, चर्चा की और उन्हें आश्वस्त किया।

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