सामना संवाददाता / श्रीनगर
प्रतिबंधित जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट का प्रमुख और तिहाड़ जेल में बंद यासीन मलिक ने कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट की १९९० में हुई हत्या से जुड़े मुकदमे में बड़ा और चौंकाने वाला कदम उठाया है। मलिक ने अदालत से कहा है कि वह इस मुकदमे की आगे पैरवी नहीं करेगा और यदि अदालत उसे दोषी मानती है तो उसे मृत्युदंड दिया जाए। हालांकि उसने साथ ही साफ किया है कि मुकदमा न लड़ने के उसके फैसले को अपराध स्वीकार करने के रूप में न देखा जाए।
यासीन मलिक की ओर से उसके वकील अबू आदिल पंडित ने २ सितंबर को श्रीनगर की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की टाडा-पोटा अदालत में २५ पन्नों का लिखित पक्ष रखा। मामले में अगली सुनवाई १९ सितंबर २०२६ को तय की गई है। मलिक ने अपने बयान में दावा किया है कि उसे सरला भट हत्याकांड में झूठा फंसाया गया है और वर्तमान कार्यवाही राजनीतिक परिस्थितियों से उपजी है।
इस्तिखारा के बाद फैसला
मलिक ने अदालत को बताया कि उसने यह पैâसला ‘इस्तिखारा’ यानी किसी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले की जाने वाली इस्लामी प्रार्थना और गहरे आत्ममंथन के बाद लिया है। उसने कहा कि वह मुकदमे की कार्यवाही आगे नहीं लड़ेगा, लेकिन इसे आरोपों की स्वीकृति नहीं माना जाना चाहिए। इसी के साथ उसने अदालत से अपने लिए मृत्युदंड की मांग भी की है।
पत्नी से कहा, नई जिंदगी शुरू करो
इसी लिखित बयान में यासीन मलिक ने अपनी पाकिस्तानी पत्नी मुशाल हुसैन मलिक से अलग होने का फैसला भी जाहिर किया है। मलिक ने लिखा कि वह नहीं चाहता कि मुशाल उसकी परिस्थितियों का बोझ लेकर पूरी जिंदगी गुजारें या विधवा जैसी जिंदगी जिएं। उसने मुशाल से नई जिंदगी शुरू करने का आग्रह किया और कहा कि वह निकाह के बंधन से उन्हें मुक्त करना चाहता है।
बेटी रजिया सुल्ताना के लिए भी लिखा भावुक संदेश
यासीन मलिक ने अपनी बेटी रजिया सुल्ताना के लिए भी भावुक संदेश लिखा है और उससे कहा है कि वह कश्मीर में रहने वाली अपनी दादी से प्रतिदिन कम से कम पांच मिनट बात करे।
कौन थीं सरला भट?
सरला भट श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में नर्स थीं। जांच एजेंसी के अनुसार, अप्रैल १९९० में उनका अपहरण किया गया था और कुछ दिनों बाद गोलियों से छलनी उनका शव बरामद हुआ था। इस साल जून में राज्य जांच एजेंसी ने मामले में ७३७ पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें यासीन मलिक समेत पांच लोगों को आरोपी बनाया गया। मलिक इन आरोपों से इनकार करता रहा है।
एक साथ दो बड़े फैसले
– सरला भट हत्याकांड का मुकदमा आगे नहीं लड़ने की घोषणा
– दोषी ठहराए जाने की स्थिति में मृत्युदंड की मांग
– अपराध में भूमिका होने से साफ इनकार
– पाकिस्तानी पत्नी मुशाल से अलग होने का पैâसला
– अगली सुनवाई १९ सितंबर को
