मुख्यपृष्ठनए समाचारपान मसाला विज्ञापन पर मुंढे का चला ‘हंटर’! ...नोटिस के बाद बढ़ी...

पान मसाला विज्ञापन पर मुंढे का चला ‘हंटर’! …नोटिस के बाद बढ़ी फिल्मी सितारों की मुश्किलें

सामना संवाददाता / मुंबई

पान मसाला विज्ञापन को लेकर फिल्मी सितारों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त तुकाराम मुंढे की कार्रवाई के बाद इस विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। एफडीए की ओर से कारण बताओ नोटिस मिलने के बाद कई अभिनेताओं की मुश्किलें बढ़ गई है। एफडीए ने ११ अगस्त २०२६ को फ़िल्म अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को नोटिस जारी किया था। विभाग को आशंका है कि संबंधित पान मसाला विज्ञापन प्रतिबंधित तंबाकू उत्पाद के अप्रत्यक्ष प्रचार यानी ‘सरोगेट विज्ञापन’ की श्रेणी में आ सकता है। महाराष्ट्र में तंबाकू और उससे जुड़े उत्पादों के प्रचार को लेकर कड़े नियम लागू हैं।

मुंढे की कार्रवाई से फिल्मी सितारों में खलबली
एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने २६ अगस्त को बताया था कि नोटिस पाने वाले तीनों अभिनेताओं की ओर से उस समय जवाब नहीं मिला था। अब अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ ने अपना पक्ष रख दिया है, लेकिन शाहरुख खान की ओर से जवाब नहीं मिला है। मुंढे की कार्रवाई ने यह संदेश जरूर दे दिया है कि बड़े पर्दे के सितारे हों या विज्ञापन में चमकने वाले चर्चित चेहरे, नियमों से ऊपर कोई नहीं है।

विज्ञापन से आगे सामाजिक जिम्मेदारी का सवाल
यह विवाद सिर्फ एक विज्ञापन तक सीमित नहीं है। फिल्मी सितारों की लोकप्रियता का इस्तेमाल कंपनियां अपने उत्पादों की पहुंच बढ़ाने के लिए करती हैं। ऐसे में किसी ऐसे विज्ञापन पर नियामक संस्था सवाल उठाती है, जिसे प्रतिबंधित तंबाकू या पान मसाला उत्पाद का अप्रत्यक्ष प्रचार माना जा सकता है, तो संबंधित कलाकारों से जवाबदेही की अपेक्षा होना स्वाभाविक है।

अन्य समाचार