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संघ के गढ़ नागपुर में गूंजे मोदी विरोधी नारे…फडणवीस के शहर से केंद्र सरकार को खुली चुनौती

सुनील ओसवाल / मुंबई

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुख्यालय और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह नगर नागपुर में सोमवार को केंद्र सरकार के खिलाफ हुए प्रदर्शन ने राजनीतिक हलकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के विरोध में संविधान चौक पर जुटे युवाओं, छात्रों और नागरिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की।
बारिश के बीच आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र, युवा, महिलाएं, और वरिष्ठ नागरिक शामिल हुए। संविधान चौक पर केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में नारे लगाए गए। प्रदर्शन के दौरान मोदी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो,आवाज दो, हम एक हैं और नरेंद्र मोदी वीक हैं, उनका पेपर लीक है, जैसे नारे गूंजे, जिससे आंदोलन राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि सोनम वांगचुक के खिलाफ की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उनका कहना था कि छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार की भूमिका को लेकर भी आंदोलनकारियों ने नाराजगी जताई।
सियासी बहस को नई हवा
राजनीतिक दृष्टि से इस प्रदर्शन को इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह विरोध आरएसएस के गढ़ और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के शहर नागपुर में हुआ। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ खुलेआम लगे नारों ने सियासी बहस को नई हवा दे दी है।
प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगा विरोध प्रदर्शन
आंदोलन में शामिल युवाओं ने कहा कि जब तक शिक्षा से जुड़े सवालों पर जवाबदेही तय नहीं होती और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए संविधान चौक पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।

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