-गृह राज्य मंत्री बोले : चाहूं तो तटकरे की पूरी पोल खोल दूं…अब समझौते की कोई गुंजाइश नहीं
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति में शामिल शिंदे गुट और अजित पवार गुट के बीच तनातनी अब खुलकर सामने आने लगी है। शिंदे गुट के नेता रामदास कदम और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजीत पवार गुट) के सांसद सुनील तटकरे के बीच छिड़े विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने साफ संकेत दिया है कि दोनों दलों के बीच अब समझौते की संभावना बेहद कम रह गई है।
योगेश कदम ने कहा कि सुनील तटकरे के बयान के बाद अब समझौते की कोई गुंजाइश नहीं बची है। मुझे नहीं लगता कि यह विवाद अब आसानी से खत्म होगा। मैं चाहूं तो तटकरे के बारे में बहुत कुछ कह सकता हूं। उनकी पूरी पोल-पट्टी खोल सकता हूं। उनके बारे में कड़वा बोलना यानी सच बोलना होगा, लेकिन मैं फिलहाल उस गहराई में नहीं जाना चाहता। उन्होंने आगे इशारों-इशारों में बड़ा दावा करते हुए कहा कि यदि पिछली लोकसभा और विधानसभा चुनाव में किसने किसकी मदद की, यह सब सामने आ गया तो कई लोगों की पोल खुल जाएगी। उनके इस बयान को महायुति के भीतर बढ़ती खींचतान का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
उधर, मंत्री उदय सामंत ने भी तटकरे के खिलाफ गहरी नाराजगी जताई। सामंत ने कहा कि दादा गुट के सुनील तटकरे शिंदे गुट को हल्के में ले रहे हैं, जिसका परिणाम उन्हें भुगतना पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि यह विवाद तब शुरू हुआ, जब शिंदे गुट के नेता रामदास कदम ने दादा गुट के सांसद सुनील तटकरे पर तीखा हमला बोलते हुए उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके जवाब में तटकरे की ओर से भी प्रतिक्रिया आई, जिसके बाद दोनों दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई।
महायुति के दोनों प्रमुख सहयोगियों के बीच बयानबाजी तेज
योगेश कदम के ताजा बयान से साफ संकेत मिल रहे हैं कि महायुति के दो प्रमुख सहयोगी दलों के बीच रिश्तों में तनाव गहरा गया है। राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा तेज है कि यदि यह बयानबाजी नहीं रुकी, तो गठबंधन के भीतर मतभेद और खुलकर सामने आ सकते हैं।
