मुख्यपृष्ठसमाचारसमृद्धि एक्सप्रेसवे बना खतरों का एक्सप्रेसवे

समृद्धि एक्सप्रेसवे बना खतरों का एक्सप्रेसवे

-शहर की कहानी, मुंबईकरों की जुबानी

-महामार्ग की सुरक्षा व्यवस्था और दुर्व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

-पांच लोगों की मौत, एक गंभीर रूप से घायल

द्रुप्ति झा / मुंबई

महाराष्ट्र के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में शामिल नागपुर-मुंबई समृद्धि एक्सप्रेसवे अब अपनी रफ्तार से ज्यादा लगातार हो रहे हादसों और सुरक्षा खामियों को लेकर चर्चा में है। वर्धा के पास हुए ताजा हादसे ने एक बार फिर एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और बुनियादी सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोमवार को वर्धा जिले के समीप समृद्धि एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक अनियंत्रित आइशर ट्रक ने तेज रफ्तार कार को जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक दुर्घटना में कार सवार पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।
जानकारी के अनुसार, कार में कुल छह लोग सवार थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और महामार्ग गश्ती दल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला और गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
हादसों के पीछे क्या है दुर्व्यवस्था
विशेषज्ञों का मानना है कि एक्सप्रेसवे पर ओवरस्पीडिंग और लेन अनुशासन की कमी हादसों की बड़ी वजह है। भारी वाहन अक्सर निर्धारित लेन का पालन नहीं करते, जिससे तेज रफ्तार कारों के सामने अचानक खतरा पैदा हो जाता है। एक्सप्रेसवे का लंबा और सीधा मार्ग कई चालकों में हाईवे हिप्नोसिस जैसी स्थिति पैदा कर देता है, जिसमें लगातार एक जैसे दृश्य देखने से ध्यान भटकने या नींद आने की आशंका बढ़ जाती है। इसके बावजूद पर्याप्त चेतावनी संकेत, विजुअल ब्रेक और जागरूकता व्यवस्था का अभाव है।
लोगों ने की सुधार की मांग
स्थानीय नागरिकों और यातायात विशेषज्ञों ने मांग की है कि एक्सप्रेसवे पर स्पीड रडार और स्वचालित चालान प्रणाली को और प्रभावी बनाया जाए। अधिक चेतावनी संकेत, साउंड स्ट्रिप, फ्लैशिंग लाइटें और सुरक्षित विश्राम स्थल विकसित किए जाएं। साथ ही भारी वाहनों और हल्के वाहनों के लिए लेन अनुशासन का सख्ती से पालन कराया जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार नहीं किए गए, तो यह समृद्धि एक्सप्रेसवे अपनी उपलब्धियों के बजाय लगातार होने वाले हादसों के लिए ही पहचाना जाएगा।

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