सामना समवाददाता / नई दिल्ली
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संसद मार्च के प्रदर्शनकारियों को संसद भवन के बाहर ही रोक दिया गया। इस दौरान सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
युवा विरोधी हैं प्रधानमंत्री
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा विरोधी प्रधानमंत्री हैं। इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते। १५२ पेपर लीक, ७.५ करोड़ छात्र पीड़ित और सजा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को। जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज सवाल उठाए तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। पेपर लीक करने वाले अपराधी आजाद और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं। यह सरकार सिर्फ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही उन पर टूट पड़ी है।
इंकलाब तब आता है!
सपा चीफ अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि निराशा में आंख का पानी, जब समुंदर बन जाता है इंकलाब तब आता है!!! कोई अपनी ताक़त पर, जब सर उठा इठलाता है इंकलाब तब आता है! हुकूमतों का घमंड-गुरूर, जब पर्वत सा बन जाता है, इंकलाब तब आता है!!! दौर जब नाइंसाफी का, हद ही पार कर जाता है..इंकलाब तब आता है! जब-जब देश का भविष्य… पूरा दांव पर लग जाता है.. इंकलाब तब आता है!!!
छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि आपने मुझे इस पेपर लीक और नीट परीक्षा घोटाले के बारे में अपनी बात रखने का मौका दिया है। यह मामला छात्रों से जुड़ा है। मैं लाखों बच्चों के भविष्य के बारे में बात कर रहा हूं। इस मुद्दे के लिए हजारों छात्र जंतर-मंतर पर जमा हुए हैं। वहां लाठीचार्ज हुआ है। सरकार बल प्रयोग करके छात्रों की आवाज दबाने और उन्हें वहां से हटाने की कोशिश कर रही है।
अहंकार छोड़िए
केजरीवाल ने कहा कि देश भर से लाखों युवा जंतर-मंतर पर जमा हुए हैं। उनकी बात सुनने के बजाय, सरकार उन पर लाठीचार्ज का आदेश दे रही है। आपने उस इलाके में इंटरनेट बंद कर दिया है, उन्हें संसद की ओर जाने से रोका जा रहा है। यह सही नहीं है। मैं सरकार से अपील करता हूं कि ये हमारे ही देश के बच्चे हैं, जो न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हैं, और आप उन पर लाठीचार्ज करते हैं। अपना अहंकार छोड़िए। और उनकी बात सुनिए।’’
