शिंदे गुट ने बीजेपी को दिखाया आईना
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र की सत्ता में महायुति के घटक दलों के बीच सब कुछ ठीक होने के दावों के बीच मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर अंदरूनी खींचतान के संकेत एक बार फिर सामने आने लगे हैं। शिंदे गुट के नंदुरबार के विधायक चंद्रकांत रघुवंशी के लगातार दो बयानों ने भाजपा और शिंदे गुट के बीच सत्ता-समीकरणों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। रघुवंशी ने पहले दावा किया कि एकनाथ शिंदे के कारण ही भाजपा महाराष्ट्र में दोबारा सत्ता में आई और अब उन्होंने देवेंद्र फडणवीस के केंद्र में जाने की स्थिति में महाराष्ट्र की कमान शिंदे के हाथों में आने का संकेत दिया है।
रघुवंशी का बयान सीधे भाजपा के राजनीतिक दावे को चुनौती देने वाला माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि महाविकास आघाड़ी सरकार के समय भाजपा सत्ता से बाहर थी। एकनाथ शिंदे के कारण ही भाजपा सत्ता में आई। उन्होंने यहां तक कहा कि शिंदे ने भाजपा को जीवित किया, वरना भाजपा के अस्तित्व का ही सवाल खड़ा हो जाता। इसके बाद रघुवंशी के दूसरे बयान ने राजनीतिक हलकों में और अधिक हलचल पैदा कर दी। उन्होंने संकेत दिया कि यदि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस केंद्र में जाते हैं तो महाराष्ट्र का नेतृत्व संभालने के लिए एकनाथ शिंदे आगे रहेंगे। फडणवीस के केंद्र में जाने की चर्चा का भाजपा की ओर से खंडन किया गया है और स्वयं फडणवीस भी इस विषय को खारिज कर चुके हैं। इसलिए शिंदे द्वारा फडणवीस को दिल्ली भेजने के लिए कथित लॉबिंग को फिलहाल राजनीतिक अटकल के रूप में ही देखा जा रहा है।
