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प्रयागराज में एंटी करप्शन का बड़ा धमाका…रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

-कंडक्टर की एसीआर सही करने के नाम पर वसूल रहे थे रकम!

राजेश सरकार / प्रयागराज

एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्यवाही करते हुए रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक अरविंद मिश्रा को 8,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने बस परिचालक संगम सोनकर से वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट सही करने के नाम पर घूस मांगी थी। शहर के कैंट थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार और घूसखोर अफसरों के खिलाफ चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के बाद भी यह प्रथा खत्म नहीं हो रही है। एक दफा फिर भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) प्रयागराज मंडल की टीम ने एक बड़ी कार्यवाही की है। टीम ने रोडवेज (यूपीएसआरटीसी) के एक क्षेत्रीय प्रबंधक ( रीजनल मैनेजर) को अपने ही विभाग के एक संविदा बस कंडक्टर से 8,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। भ्रष्टाचार के इस खेल में फंसे आरोपी अधिकारी की पहचान अरविंद मिश्रा के रूप में हुई है, जो वर्तमान में प्रयागराज में तैनात हैं और मूल रूप से वाराणसी जनपद के फूलपुर क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं।
-कंडक्टर से मांगी थी घूस एसीआर सही करने के सौदा के नाम पर घूस लिए जाने की बात सामने आई है।
इस पूरी कार्रवाई की नींव प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र के निवासी और रोडवेज के बस परिचालक (कंडक्टर) संगम सोनकर की सजगता के कारण पड़ी।
-क्या था मामला
परिचालक संगम सोनकर ने एंटी करप्शन कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि जीरो रोड डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक अरविंद मिश्रा उनकी वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि ( एनुअल कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट) को सही करने और सेवा संबंधी अन्य दफ्तरिया कार्यों को आगे बढ़ाने के बदले लगातार मानसिक उत्पीड़न कर रहे थे।
-रिश्वत की डिमांड
क्षेत्रीय प्रबंधक ने इस सरकारी कार्य के बदले कंडक्टर संगम सोनकर से 8,000 रुपये की रिश्वत की डिमांड की थी। संगम रिश्वत देने के पक्ष में नहीं थे, इसलिए उन्होंने सीधे एंटी करप्शन टीम से संपर्क साधा।
-एंटी करप्शन टीम ने बिछाया जाल
परिचालक की शिकायत की प्राथमिक जांच करने के बाद एंटी करप्शन की टीम ने घूसखोर अधिकारी को दबोचने के लिए एक सुनियोजित जाल ( ट्रैप ) बिछाया। तय रणनीति के तहत जैसे ही संगम सोनकर रिश्वत के 8,000 रुपये लेकर क्षेत्रीय प्रबंधक अरविंद मिश्रा के पास पहुंचे और अधिकारी ने वह रकम थामी, वैसे ही पहले से घात लगाकर बैठी एंटी करप्शन की विंग ने उन्हें रंगे हाथ दबोच लिया। कैमिकल टेस्ट में अधिकारी के हाथ गुलाबी हो गए, जिससे घूस लेने की पुष्टि मौके पर ही हो गई। इस गिरफ्तारी के बाद आरोपी क्षेत्रीय प्रबंधक को तत्काल कैंट थाने लाया गया। कैंट थाने में भ्रष्टाचार निवारण संगठन की ओर से आरोपी अरविंद मिश्रा के विरुद्ध ‘भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम’ ( प्रिवेशन ऑफ करप्शन एक्ट) की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। विधिक औपचारिकताएं पूरी करते हुए पुलिस अब आरोपी को जेल भेजने की तैयारी में है। जबकि एंटी करप्शन की टीम इस मामले में उनके कार्यकाल के अन्य फैसलों की भी जांच कर रही है।
-रिश्वत मांगे तो तुरंत बताएं
एंटी करप्शन ने जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी, कर्मचारी या बाबू किसी भी जायज कार्य के बदले या नाजायज दबाव बनाकर रिश्वत की मांग करता है, तो उसके डर के आगे झुकने के बजाय इसकी सूचना तत्काल एंटी करप्शन कार्यालय को दें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ इससे भी अधिक सख्त और दंडात्मक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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